तेज गर्मी में पशु-पक्षियों का रखें खयाल : डा. पी.के. यादव
करहां (मऊ) : इस समय जनपद सहित पूरे उत्तर प्रदेश व उत्तर भारत में तेज गर्मी व लू का प्रकोप चल रहा है। इससे मनुष्य सहित पशु-पक्षी भी अछूते नहीं हैं। मनुष्य तो फिर भी एक विवेकवान व सामाजिक प्राणी होने के नाते अपना बचाव कर लेता है लेकिन ऐसे में सबसे कठिन समस्या बेजुबान जानवर, पक्षियों, पालतू पशुओं व बेसहारा गोवंशों के सामने है। चूंकि प्राकृतिक जल स्रोत सूख चुके हैं, इसलिए यह सारे पशु-पक्षी हम मनुष्यों के भरोसे हैं। ऐसे में हमारी विशेष जिम्मेदारी बनती है कि हम पशु-पक्षियों का खयाल रखें जिससे पर्यावरण का संतुलन बना रहे।
यह बातें मुहम्मदाबाद गोहना राजकीय पशु अस्पताल के पशु चिकित्सक डाक्टर पी.के. यादव ने शुक्रवार को देवरिया खुर्द में कहीं। वे डायल 1962 के साथ पहुंचकर ग्रामीणों एवं पशु पालकों को इस तेज गर्मी में पशु-पक्षियों के समुचित पालन पोषण हेतु जागरुक कर रहे थे। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार पशु-पक्षियों की देखभाल व उनकी सुविधाओं के लिए प्रयासरत है और इसमें सजगता के साथ जागरुकता आवश्यक है। कहा कि शासन द्वारा संचालित पशु अस्पताल के साथ-साथ पशुधन विकास मंत्रालय भी जागरुकता अभियान को बढ़ावा दे रहा है।
डाक्टर यादव ने बताया कि वर्तमान में डायल 1962 सेवा पशुपालकों को घर-घर बेहतर एवं विशेष सेवा योजना की जानकारी दे रहा है। इसके अलावा अस्पतालों पर तैनात पशु चिकित्सक भी समय-समय पर पशुपालको को पशओं की देखभाल संबंधी महत्वपूर्ण जानकरी देते हैं।
कहा कि गर्मी का मौसम चल रहा है और लू का असर दिखने लगा है। ऐसे में कोई पशु संबंधी दिक्कत आने पर सहायता हेतु डायल 1962 पर काल करके शासन द्वारा चलायी गई सुविधा का लाभ लिया जा सकता है। इस सेवा में लगे सहायक सुमित कुमार यादव ने बताया कि जब भी कोई पशुपालक 1962 पर काल करता है तो पशुचिकित्सकों की टीम उनके गांव में आकर पशु का इलाज करती है।
डाक्टर पी. के. यादव ने बताया कि गर्मियों में पानी की समुचित आपूर्ति सहित पशुओं को संतुलित आहार देना चाहिए। हरा चारा अधिक मात्रा में देना चाहिए क्योंकि हरे चारे में 70 से 90 प्रतिशत तक पानी की मात्रा होती है। इससे पशुओं के अंदर पानी की कमी नही होती है। बाहरी पशु-पक्षियों के लिए भी प्रतिदिन किसी नियत स्थान पर चारा-दाना व पानी भरकर छोड़ना चाहिये। दुधारु पशुओं का दुग्ध उत्पादन बनाएं रखने के लिए गर्मियों में कैल्शियम अवश्य देना चाहिए। पशुओं को ताजा पानी पिलाना चाहिए एवं साफ सफाई का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए।
पशुपालक दिनेश कुमार, सावित्री देवी, रमेशचंद्र, अयोध्या प्रसाद, प्रवीण यादव आदि ने डाक्टर पी. के. यादव एवं उनकी टीम के कार्यों को सराहनीय बताया।

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