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रावण जैसे साधु के वेश में घूम रहे असंत : जगदीशाचार्य महाराज

रावण जैसे साधु के वेश में घूम रहे असंत : जगदीशाचार्य महाराज

करहां (मऊ) : क्षेत्र के शमशाबाद स्थित स्वयंभू शिव मंदिर में श्रावण मास पर्यंत चल रही श्रीराम कथा के दसवें दिन जगदीशाचार्य महाराज ने सीता हरण की कथा सुनाई। बताया कि किस प्रकार साधु के वेश में दुष्ट रावण ने छल करके सीता का हरण किया। कहा कि इसी प्रकार रावण और कालनेमि की तरह आज के वर्तमान समय में अनेक असंत लोग साधु का वेश धारण कर संसार को ठग रहे हैं। ऐसे लोंगो से समाज को सचेत रहना चाहिए।

कथा विस्तार के क्रम में जगदीशाचार्य ने बताया कि सीता हरण के पश्चात जहां मानवों ने माता जानकी की कोई मदद नहीं की, वहीं जटायु नामक पक्षी ने अपनी जान न्यौछावर कर दी। माता जानकी को बचाने के लिए जटायु रावण जैसे बलशाली राजा से भिड़ गया। पक्षीराज जटायु ने समाज को कितना बड़ा संदेश दिया कि मातृशक्ति की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने में भी पीछे नहीं रहना चाहिए। इसलिए जटायु को प्रभु श्रीराम ने परम गति प्रदान की।

इस अवसर पर करुणाशंकर, रमाशंकर सिंह, कालिंदी देवी, इंद्रदेव सिंह, हेमा देवी, शेषनाथ सिंह, दुखहरन यादव, दयाशंकर सिंह, शशिकला, शैलेश कुमार, मीरा देवी, मरछू राम, रामनरायन, डब्बू सिंह, हरिवंश सरोज, हीरामणि, सत्यम तोमर, पिंकू सिंह, आशीष सिंह, संतोष शर्मा, शिवदास सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।

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