महाबोधि महाविहार का प्रबंधन बौद्धों को सौंपने की उठी मांग, धरना देकर दिया ज्ञापन
करहां (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक व रानीपुर थानांतर्गत दतौली गांव में रविवार को बोधगया मन्दिर प्रबंधन आधनियम 1949 को निरस्त कराने एवं महाबोधि महाविहार का प्रबंधन बौद्धों को सौंपने की मांग को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इसमें सैकडो लोगों ने प्रतिभाग किया और भारत के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के नाम ज्ञापन प्रेषित किया।
दतौली गांव स्थित बोधिसत्व बाबा साहेब डा० भीम राव अम्बेडकर, मूर्तिस्थल पर रविवार पूर्वान्ह 10 बजे से सायं 05 बजे तक एक दिवसीय धरना चला। वक्ताओं ने अपने सम्बोधन में बोधगमा मन्दिर प्रबंधन अधिनियम के सन्दर्भ में उपस्थित लोगों को बताया। कहा कि जबतक महाबोधि महाविहार मुक्त नहीं होता, तब तक इस तरह का धरना-प्रदर्शन निरन्तर चलता रहेगा।
दिए गए ज्ञापन में बोधगया मंदिर प्रबन्धन अधिनियम 1949 को समाप्त कर महाबोधि महाविहार का सम्पूर्ण प्रबन्धन बौद्धों को सौंपने की मांग की गई। महाबोधि महाविहार की देख-रेख के लिए भारत सरकार के निर्देश पर पूर्व में बिहार सरकार द्वारा बोधगया मंदिर प्रबन्धकारिणी समिति कानून (BT ACT 1949) का निर्माण किया गया। जिसके अनुसार उक्त समिति में 04 हिन्दू एवं 04 बौद्ध को मनोनित किया जाता है तथा समिति का अध्यक्ष गया जिला का जिलाधिकारी होता है।
कहा गया कि उक्त अधिनियम पूर्णतः अन्यायपूर्ण एवं असंवैधानिक है। चूंकि इस पवित्र भूमि पर दुनियां भर में शान्ति का संदेश फैलाने वाले बुद्ध को बुद्धत्व प्राप्त हुआ था, यह भूमि पूरी दुनिया के बौद्धों की आस्था का केन्द्र है। इसलिए इस पर बौद्धों का संवैधानिक एवं सांस्कृतिक अधिकार होना चाहिए। मांग की गई कि उक्त अधिनियम को बदलकर या समाप्त कर महाबोधि महाविहार के सम्पूर्ण सदस्य पद पर बौद्धों को रखा जाय।
कार्यक्रम की अध्यक्षता बुद्ध विहार मुहम्मदाबाद गोहना के संस्थापक प्रबंधक दीपांकर जी ने किया तो सफल मंच संचालन करहां के पूर्व जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी रहे राहुल बोधाकर ने किया। उक्त धरना में दतौली ग्राम प्रधान प्रतिनिधि प्रदीप कुमार गौतम, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी डॉक्टर धर्मसिंह गौतम, मुन्ना लाल गौतम, धम्मविरियो, रघुपति, सकलदीप, परमानंद लक्ष्मीकान्त, मनोज कुमार गौतम, डॉ. सहादुर चंद्रा, रामजीत प्रधान, प्रमाण जी गौतम, विरेन्द्र प्रताप सेन, सुनेश्वर, अशोक, सोनू, रवि कुमार, शिवधारी राम, रामू राव, संजीव, त्रिभुवन, बहती आदि सैकड़ों गणमान्य व ग्रामीण नागरिक उपस्थित रहे।



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