श्रद्धांजलि सभा में काव्यमय गीता का किया गया वितरण
•सरलता, स्वानुशासन व कर्त्यवनिष्ठता की प्रतिमूर्ति थे स्व. राजेंद्र प्रसाद : वीरेंद्र सिंह
•संसार में रहकर ईश्वर से लगाव बनाये रखना असल ज्ञान : भगवान दास
करहां (मऊ) : करहां क्षेत्रांतर्गत शमशाबाद के सम्मानित नागरिक व सेवानिवृत्त अवर अभियंता राजेंद्र प्रसाद सिंह की श्रद्धांजलि सभा उनके त्रयोदशाह संस्कार पर रविवार सायंकाल आयोजित की गई। इसमें पूर्वांचल के अनेक जनपदों से पधारे गणमान्य एवं जनसामान्य लोंगो ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। इस दौरान श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ विद्वान व कवि तथा यूको बैंक के सेवानिवृत्त महाप्रबंधक वीरेंद्र प्रसाद सिंह का लिखा ग्रंथ काव्यमय गीता का वितरण किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए वैराग्याश्रम मठ गुरादरी धाम के महंत मानस धुरंधर भगवान दास महाराज ने कहा कि संयोग व वियोग दोनो जीवन के अटूट हिस्से हैं। स्वजनों का दुनियां से जाने का दुख भगवान के स्मरण व ज्ञान से दूर कर सकते हैं। इसलिए इस संसार से खुराक तो लेना है लेकिन अपना संबंध ईश्वर से बनाए रखना ही असल ज्ञान है।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में वीरेंद्र प्रसाद सिंह ने स्व. राजेंद्र सिंह को सरलता, सहजता, कर्तव्यनिष्ठता व स्वानुशासन की प्रतिमूर्ति बताया। कहा कि गीता एक जीवन उपयोगी ग्रंथ है। चूंकि यह संस्कृत में है जिसे समझने में थोड़ी कठिनाई होती है इसलिए इस उपयोगी ग्रंथ को मैंने काव्यमय गीता के रुप में सरल व रोचक बनाने का प्रयास किया है।
श्रद्धांजलि सभा को अवधनाथ सिंह, राजेश कुमार, तेजबहादुर सिंह, दिनेश कुमार पांडेय, डाक्टर प्रेमप्रकाश, नरेंद्र सिंह, बृजबिहारी सिंह आदि ने संबोधित किया। स्वागत भाषण अधिवक्ता बालेंद्र भूषण, संचालन कुंवर अजीत प्रताप तो धन्यवाद ज्ञापन शशिभूषण प्रताप सिंह ने किया।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री यशवंत सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष मनोज राय, प्रबंधक रामविलास दूबे, सेवानिवृत्त प्रोफेसर डाक्टर महेंद्र, पूर्व सपा जिलाध्यक्ष धर्मप्रकाश यादव, एमएलसी विक्रांत सिंह रिशु, अबुल फ़ैज़ खां, त्रिभुवन प्रसाद, सुरजीत राय, डाक्टर धर्म सिंह गौतम, अशोक सिंह, तूफानी चौहान, गनेश सिंह, पंकज पासवान आदि सैकड़ों गणमान्य लोंगो ने श्रद्धाजंलि अर्पित की।








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