हर तरफ आवारा कुत्तों का आतंक, आखिर कैसे बचें-?
करहां (मऊ) : इस बरसात के सीजन में हर तरफ आवारा व खूंखार कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। प्रतिदिन कोई न कोई शिकार हो रहा है, अधिकारी बेपरवाह हैं, घटनाएं रोजना बढ़ती जा रहीं है और रोकथाम के किसी उपाय पर कोई खास पहल अबतक नहीं हुई है। बतादें कि आवारा कुत्तों की तादात लगातार बढ़ती जा रही है। नगर हो या गांव हर जगह कुत्तों की फौज में बढ़ोत्तरी देखी जा रही है। इनके हमलों से आमजन परेशान हैं और अस्पतालों में संख्या बढ़ती जा रही है।
यह कभी अंधेरे में न दिखने से बाइक या साइकिल से दब जाने के कारण तो कभी खुद ही दौड़ाकर किसी न किसी को अपना शिकार बना रहे हैं। शहर से लेकर गांव तक के हर नुक्कड़ पर प्रतिदिन कोई न कोई कुत्ता किसी न किसी को अपना शिकार बना ही ले रहा है। बावजूद इसके जिम्मेदार विभागों के अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। सुप्रीमकोर्ट ने आवारा कुत्तों पर लगाम लगाने का निर्देश दिया है। इसके बाद भी नगर निकाय, ग्राम पंचायतों व पशुधन विभाग की तरफ से कोई ठोस कदम नही उठाया जा रहा है। इससे आवारा कुत्ते लोगों को अपना निशाना बना रहे है। हालांकि इसके इलाज के लिए एंटी रैबीज व एंटी सीरम की पर्याप्त व्यवस्था अस्पतालों में किया गया है। आए दिन आवारा कुत्ते दिन-रात पैदल व बाइक चालकों को देखकर दौड़ा लेते है। लोग सावधान नहीं रहने पर दुर्घटना के शिकार भी हो जाते हैं।
•मेरे गांव में एक लड़का व एक लड़की को हाल ही में कुत्ते ने काटकर गंभीर रुप घायल कर भाग गया। उसके पागल या रैबीजयुक्त होने की पहचान नहीं हो पाई। एहतियातन दोनों बच्चों को एन्टी रैबीज लगवाया जा रहा है।
•मेरे गांव के आतागंज मुहल्ले में मौसी के घर रहकर पढ़ाई कर रहे एक 9 वर्षीय लड़के को मदरसे से लौटते समय खतरनाक कुत्ते ने मुंह, सर और आंख पर काटकर जख्मी कर दिया। एन्टी रैबीज व एंटीसीरम का डोज लगाया गया है।
•दो हफ्ते पहले मेरे पड़ोस के एक आठ वर्षीय बालक को खेलते समय कुत्ते ने पीछे से काट लिया। उसे सरकारी अस्पताल ले जाकर दवा, इलाज व इंजेक्शन लगवाया गया। अभी भी एन्टी रैबीज का कुछ डोज बाकी है।
•शनिवार देर शाम साइकिल से बाजार गया था। सड़क के बीच आपस में लड़ रहे कुत्तों के झुंड से एक आवारा कुत्ते ने मेरे सहित एक राहगीर बुजुर्ग व एक बछड़े को काटकर घायल कर दिया। उसके रैबीजयुक्त होने की पहचान नहीं हो पाई।
-अमृतांशु सिंह छोटू, दरौरा।




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