किसान हित में नहीं है सम्मान निधि की वसूली
मऊ। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि मोदी सरकार किसानों को सीधे खाते में भेज कर किसानों कीआर्थिक स्थिति सुधार रही है, लेकिन इस समय पति पत्नी लाभार्थी किसानों को जो प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पाते हैं, उनकी यह निधि रोक दी गई है और पति-पत्नी दोनों लाभार्थी में से एक से वसूली होने के बाद किसी एक लाभार्थी को भेजे जाने का जो प्रावधान इस समय बना है, वह किसानों के हित में नहीं है। इस समस्या को लेकर जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष तथा किसान नेता राकेश सिंह के नेतृत्व में सैकड़ो किसानों ने कलेक्ट्रेट में एकत्रित हुए सिटी मजिस्ट्रेट विजेंद्र कुमार के साथ जाकर जिलाधिकारी प्रवीण मिश्रा को भारत के प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम पत्रक देकर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की वसूली (रिकवरी) किसान दंपति पति-पत्नी से नहीं कराने की मांग की है।
पत्रक के माध्यम से कहा गया है कि किसान सम्मान नीधि का वही पात्र हैं जिसके नाम से जमीन ( भूमि) है देश में २० किस्त यानि ४०,०००रूपया किसानो को मिल चुका है। जिसे किसान अपनी फसल खेतों में खर्च कर चुका है। इस राशि को वापस करने से किसानों की आर्थिक स्थिति और ही खराब हो जायेगी। जब इस देश में अगर योग्यता है तो पति-पत्नी सरकारी नौकरी कर वेतनभता मानदेय पा सकते हैं, तो महिला किसान और पति किसान कृषि कार्य कर क्यौ नहीं-? प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पा सकती है-? आज पूरे देश में महिलाओं के सम्मान में तमाम योजनाएं चलाई जा रही हैं और उनको प्रोत्साहित किया जा रहा है, ऐसे समय में महिला किसान को किसान सम्मान निधि न देना उचित नहीं है। जब ईश्वर ने दो शरीर दिया है दोनों अलग-अलग वस्त्र पहनते हैं भोजन करते हैं तो यह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि मिलना किसानों का नैतिक अधिकार है।
इन्होंने पत्रक देकर पति-पत्नी किसान दंपति को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ देते रहने और पति पत्नी में से किसी से वसूली (रिकवरी) नहीं करनेकी मांग की गई। पत्रक पर भारतीय किसान संघ जिला अध्यक्ष राम दयाल राय, राष्ट्रीय लोक दल जिला अध्यक्ष देवेंद्र सिंह, आशीष कुमार राय, नरेंद्र तिवारी, मदन गोपाल राय, रविंद्र राय, विंध्याचल राजभर ,रामनिवास सिंह, केशव पांडे, राम सुथार पांडेय, कैलाश विश्वकर्मा, राणा सिंह यादव, आलोक, राम दरश, नागेन्द्र सिंह, कैलाश नाथ सिंह, मदन गोपाल राम, पिंटू राजभर, धरणीधर, विजय खरवार आदि प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।
किसान नेता राकेश सिंह ने जिलाधिकारी से कहा कि प्रदेश में हर तृतीय बुधवार को किसान दिवस जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में प्रदेश के हर जिले में शासनादेश के अनुसार आयोजित होता है। जिसमें जिले की समस्त अधिकारी किसानों की समस्याओं का समाधान करते हैं लेकिन मऊ जनपद में किसान दिवस में कोई सक्षम अधिकारी उपस्थित नहीं होता है। इसलिए इस जनपद में किसानों की समस्याओं कोई समाधान नहीं होता है। अतः जिलाधिकारी महोदय से किसान दिवस में भाग लेने की अपील की।

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