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पुण्यात्मा ही पाते हैं भागवत कथा श्रवण का सौभाग्य : स्वामी ज्ञानानंद सरस्वती

पुण्यात्मा ही पाते हैं भागवत कथा श्रवण का सौभाग्य : स्वामी ज्ञानानंद सरस्वती

करहाँ (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना तहसील के बजरंगनगर हलीमाबाद में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का सात दिवसीय धार्मिक समारोह शुक्रवार को दिव्य वातावरण में सम्पन्न हुआ। पूर्णाहुति के पावन अवसर पर भारत राष्ट्र के विख्यात शांकर संन्यासी, परमहंस परिव्राजकाचार्य स्वामी ज्ञानानंद सरस्वतीजी महाराज ने अपने सान्निध्य से कार्यक्रम को पावन बना दिया। उनके आगमन के साथ ही कथा का समापन वैदिक मंगलध्वनियों और श्रद्धा भाव से परिपूर्ण माहौल में हुआ।

कथा मंच से आशीर्वचन देते हुए स्वामी ज्ञानानंद सरस्वतीजी ने कहा कि भागवत कथा का श्रवण स्वयं में वह पुण्य है, जो जन्म-जन्मांतर के शुभ संस्कारों से ही प्राप्त होता है। जब पूर्वजों की अनुकंपा व हमारे सत्कर्म पूर्णता को प्राप्त करते हैं, तब ही ऐसी पावन कथा सुनने व कराने का योग बनता है। उन्होंने मार्गशीर्ष माह में पूर्णाहुति के विशेष महत्व को बताते हुए कहा कि यह समय भक्तियोग, ज्ञान, वैराग्य और मोक्ष के दिव्य भावों को जाग्रत करने वाला माना गया है। स्वामीजी ने हलीमाबाद के पावन स्थल, तमसा नदी के तट और द्विवेदी परिवार के स्नेह को स्मरण करते हुए कहा कि यही उर्जस्वी वातावरण सातों दिनों तक कथा को दिव्य बनाता रहा।

उल्लेखनीय है कि स्वामी ज्ञानानंद सरस्वती आद्य शंकराचार्य प्रज्ञाधाम गंगा घोष गाधिपुरी, श्रीमद आद्य जगद्गुरु शंकराचार्य वैदिक शोध संस्थान काशी, श्रीपीठ गोवर्धन मथुरा, श्रीकृष्ण योगमाया शक्तिपीठ अष्टभुजा तथा श्रीगोकुलम धाम विंध्याचल के संस्थापक अध्यक्ष हैं। वे मात्र 27 वर्ष की आयु में सन्यास ग्रहण कर 1095 दिनों तक हिमालय से कन्याकुमारी तक पदयात्रा कर चुके हैं।

स्वागत-अभिनंदन के क्रम में कथाव्यास डॉ. राकेश शास्त्री और हरिओम शरण महाराज ने भावपूर्ण शब्दों में स्वामीजी का अभिनंदन किया। मुख्य यजमान राधेश्याम द्विवेदी व उनके चारों भाइयों ने तिलक-चंदन, माल्यार्पण और अंगवस्त्र अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम के अंत में टाउन इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य हरिश्चंद्र दूबे ने विशेष आभार व्यक्त किया।

इस मौके पर डॉ. यूपी द्विवेदी, आचार्य अभिषेक पांडेय, उर्मिला देवी, रामबली यादव, रमेशचंद्र दूबे, अशीत कुमार पाठक, ज्ञानती गोंड, संजयन त्रिपाठी, डॉ. गोपाल सिंह, अरुणा देवी, गौरव मिश्र, संजय पाठक, आयुष कुमार, राजीव कुमार द्विवेदी, प्रभात कुमार द्विवेदी, आलोक सोनकर, संध्या देवी, संजीव कुमार द्विवेदी, पुष्पा देवी सहित सैकड़ों भक्तों ने पूर्णाहुति यज्ञ, आरती और प्रसाद ग्रहण कर आध्यात्मिक सुख का अनुभव किया।

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