दुर्गुणों से दूर रह बनें सदाचारी : गर्गाचार्य महाराज
•श्रीलक्ष्मी नारायण मंदिर करहां के विष्णु महायज्ञ में श्रीमद्भागवत कथा का तीसरा दिन
•दिन भर चलता रहा हवन-पूजन व मंडप की पुण्य परिक्रमा
करहां (मऊ): स्थानीय करहां गांव के लक्ष्मी नारायण में चल रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन कथाव्यास पंडित राकेश शुक्ल गर्गाचार्य महाराज ने भक्तिपूर्ण भाव से कुंती द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की स्तुति एवं उत्तरा के गर्भ की रक्षा के प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। बताया कि मानव जगत को दुर्गुणों से दूर रहकर सदाचारी जीवन जीना चाहिए।
इसके पूर्व आजके मुख्य अतिथि करहां भाजपा मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह व टेकई ग्रामप्रधान बालगोविंद यादव ने व्यासपीठ का पूजन कर कथा का शुभारंभ किया। इसके बाद गर्गाचार्य महाराज का तिलक-चंदन, पुष्पार्चन व अंगवस्त्र प्रदान कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कथाव्यास ने आगे बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने विपत्तियों में भी कुंती की प्रार्थना सुनकर उन्हें सदैव साहस दिया और उत्तराजी के गर्भ में प्रवेश कर परीक्षित जी की रक्षा की। इसके बाद परीक्षित जी के भगवान से प्रश्न करने और भगवान के गोलोक धाम गमन का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
गर्गाचार्य महाराज ने आगे कहा कि परीक्षित ने कलियुग के प्रवेश हेतु भगवान से चार स्थान जहां मद्यपान, वेश्यावृत्ति, सोना और हिंसा हो, प्रदान करने की प्रार्थना की थी। यह प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि जहां ये दोष रहेंगे वहीं कलियुग का वास रहेगा। इसलिए मानव को इन दुर्गुणों से दूर रहकर सदाचारी जीवन जीना चाहिए।
कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भावपूर्वक श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारे, हे नाथ नारायण वासुदेवा का गान किया। कथा मंच का संचालन चंद्रकांत तिवारी व आभार प्रदर्शन अनिल पटवा ने किया। इस दौरान मुख्य यजमान चंद्रबाला अरुण तिवारी, पूनम सुनील सिंह, चिंता जिंतेंद्र कुमार, बिजेंद्र भूपेंद्र सिंह ने भागवत भगवान की आरती उतारी। इस अवसर पर यज्ञाचार्य लालमणि चौबे, पुजारी प्रमोद दास, संयोजक दिवाकर तिवारी, नागेंद्र सिंह, करहां ग्रामप्रधान प्रतिनिधि श्यामबिहारी जायसवाल, डाक्टर अंजनी तोमर, राजीव मौर्य, आनंद गुप्ता, रितिक सिंह, गनेश मौर्य, सर्वेश तिवारी, अशोक जायसवाल सहित सैकड़ों स्त्री-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।




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