भगवान श्रीकृष्ण ने अधर्म का नाश कर की धर्म की स्थापना : राकेश शुक्ल
करहां (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक के करहां गांव स्थित श्रीलक्ष्मी नारायण मंदिर में चल रहे श्रीविष्णु महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन गुरुवार को कथा के कथाव्यास पंडित राकेश शुक्ल गर्गाचार्य महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य जीवन प्रसंगों का मार्मिक वर्णन किया। महाराज ने कहा कि जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ा, तब भगवान श्रीकृष्ण ने धर्म की स्थापना के लिए अवतार लिया। उन्होंने अपने ही मामा कंस का वध कर अधर्म और अत्याचार का अंत किया। तत्पश्चात रुक्मिणी के साथ विवाह कर समस्त अभिमानी राजाओं के गर्व को चूर-चूर करते हुए द्वारका वासियों को सुख और समृद्धि का वरदान दिया।
इसके पहले मुख्य अतिथि करहां महाप्रधान के प्रत्याशी महेंद्र यादव, पत्रकार कुँवर अजीत प्रताप सिंह, भौकाल न्यूज के रिपोर्टर राहुल मद्धेशिया, मुख्य यजमान अरुण चंद्रबाला तिवारी सहित सह यजमानों ने व्यासपीठ का पूजन कर महाराज जी का माल्यार्पण कर स्वागत वंदन किया। कथाव्यास ने बताया कि श्रीकृष्ण का जीवन संदेश देता है कि सत्य, धर्म और प्रेम की शक्ति सदैव अन्याय और अहंकार पर विजय प्राप्त करती है। इस प्रसंग के दौरान श्रोता भावविभोर होकर जय श्रीकृष्णके जयकारे लगाते रहे।
दिन भर यज्ञ मंडप में यज्ञाचार्य लालमणि चौबे व अन्य सहयोगी वैदिक ब्राह्मणों द्वारा सहयोगी यजमानों सीमा रवि सिंह, निशा अरविंद सिंह, लीलावती रमेश मौर्य, प्रमिला प्रमोद दास, मीरा संतोष चौरसिया, सोना सुरेश वर्मा, सुनीता आशीष मद्धेशिया, चंद्ररेखा महेंद्र जायसवाल, बिंदु गनेश मौर्या, आनंद, आर्यन आदि से यज्ञ कर्म संपादित कर भागवत भगवान की आरती करवाई। कथा मंच का कुशल मंच संचालन चंद्रकांत तिवारी व रितिक सिंह ने किया तो आभार प्रदर्शन अमित तिवारी व डॉक्टर अंजनी तोमर ने किया।






Post a Comment