श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह, सुदामा चरित व परीक्षित मोह की कथा सुनकर भावविभोर हुए श्रोता
करहां (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना तहसील क्षेत्र के बजरंगनगर हलीमाबाद में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के विश्राम दिवस गुरुवार को कथाव्यास डॉक्टर राकेश शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह, सुदामा चरित व परीक्षित मोह के दिव्य प्रसंगों का मनोहारी वर्णन किया। इसके पूर्व मुख्य यजमान संध्या देवी व राधेश्याम द्विवेदी ने व्यासपीठ का पूजन कर कथाप्रवक्ता का स्वागत अभिनंदन किया।
कथाविस्तार में बताया गया कि रुक्मिणी का श्रीकृष्ण पर अटूट विश्वास और भक्ति, दैवी प्रेम का सर्वोच्च उदाहरण है, जबकि सुदामा चरित मित्रता, त्याग और प्रेम की ऐसी अनोखी मिसाल है, जो युगों-युगों तक मानवता को प्रेरित करती रहेगी। परीक्षित मोह की कथा में जीवन के अनित्य स्वरूप तथा भगवान के प्रति दृढ़ आस्था का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में धर्मेंद्र सिंह, तेज पांडेय, राजेंद्र मिश्र श्यामसुंदर चौहान, विष्णु उपाध्याय, सुमित राय, अर्पित उपाध्याय, डाक्टर नेहा दूबे, देवेश दूबे, डाक्टर सुमंत कुमार गुप्ता, शिव शंभु पाठक, शिवचरन तिवारी आदि बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। संचालन अधिवक्ता संजीव द्विवेदी ने किया।



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