करहां-जमुई विद्युत उपकेंद्र से 33 घंटे बाद बहाल हुई आपूर्ति
•गृहणियों, किसानों, व्यापारियों व विद्यार्थियों ने ली राहत की सांस
•33 हजार की मुख्य सप्लाई के तार व खंभे टूटने से हुआ ब्लैक था आउट
करहां (मऊ) : करहां-जमुई में स्थित 33/11 विद्युत उपकेंद्र से जुड़े सैकड़ों गांवों में 33 घंटे बाद बिजली आपूर्ति बहाल होने से लोंगो ने राहत की सांस ली है। क्यामपुर गांव के पास 33 हजार मुख्य विद्युत आपूर्ति का तार व खंभा टूट जाने के बाद सोमवार सुबह 06 बजे से ठप्प हुई बिजली, मंगलवार अपराह्न 03 बजे बहाल हुई। इसकी वजह से पूरे करहां परिक्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों में पूरी तरह ब्लैक आउट जैसा माहौल रहा। सबसे अधिक समस्या लोंगो को पानी की हुई, कई लोग दूरदराज के हैंडपंप से पानी भरते नजर आए।
क्षेत्रवासियों ने बताया कि प्रायः लोग सुबह उठने के बाद घरों में पानी भरते हैं। सोमवार लोग पानी भरते इसके पहले ही बिजली कट गई। टंकियों में जो कुछ पानी शेष रहा वह दिन में ख़तम हो गया। उसके बाद पूरा दिन-रात और अगले दिन दैनिक क्रिया एवं पीने के पानी का संकट उत्पन्न हो गया। लोग पुनः पहले की तरह अंधेरे व हैंडपंप के युग में लौटने को मजबूर दिखे। बहुत सारे व्यापारियों व दुकानदारों का काम भी बिजली पर आधारित रहता है, वह भी 33 घंटा ठप्प रहा। बोर्ड परीक्षा की घोषणा हो जाने के बाद एवं स्नातक की चल रही परीक्षाओं के कारण विद्यार्थियो की पढ़ाई भी बाधित रही। इस बीच बुनकरों व खेती-किसानी के कार्य पर भी असर पड़ा है। सब लोग मोबाइल से विद्युत आपूर्ति का हाल-चाल लेने के लिए बेचैन दिखे। विद्युत विभाग के संबंधित कर्मचारियों ने भी परेशान होकर फोन बंद कर दिया इससे और भी उहापोह की स्थिति उत्पन हो गई।
एसडीओ कृष्णा यादव व जमुई-करहां विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता छोटेलाल ने स्वयं मौके पर उपस्थित होकर दिन-रात की कड़ी मशक्कत के बाद विभिन्न कर्मचारियों को लगाकर टूटे तार व खंभे की मरम्मत कराके आपूर्ति बहाल कराई तब जाके राहत की सांस ली। छोटेलाल ने बताया कि रात में तार खींचने के दौरान क्लैम्प टूट गया। इसकी वजह से रात में आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई। सुबह से खंभे को सही करके पुनः तार खींचकर सप्लाई चालू की गई।






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