दर्शन देने नहीं, दर्शन लेने आए हैं : स्वामी ज्ञानानंद सरस्वती
•करहां स्थित लक्ष्मी-नारायण मंदिर पहुंचे प्रख्यात शांकर सन्यासी
•लक्ष्मी-नारायण की सेवा में लगे भक्तों को बताया पुण्यात्मा
करहां (मऊ) : करहां गांव स्थित क्षीरसागर लक्ष्मी-नारायण मंदिर पर मंगलवार की देर शाम भारत राष्ट्र के प्रख्यात शांकर सन्यासी व श्रीमद आद्यजगदगुरु वैदिक शोध संस्थानम काशी के संस्थापक अध्यक्ष परमहंस परिव्राजकाचार्य स्वामी ज्ञानानंद सरस्वती महाराज का आगमन हुआ। उन्होंने यहां दर्शन-पूजन कर मंदिर के नवनिर्मित शिखर कलश का अवलोकन किया एवं उपस्थित सैकड़ों स्त्री-पुरुष श्रद्धालुओं को आशीर्वचन प्रदान किया।
स्वामीजी ने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्वाश्रम के शरीर को इस मनोहारी लक्ष्मी-नारायण, गरुणजी के विग्रह व पूर्ववर्ती ब्रह्मलीन संत भगवान दासजी महाराज का बहुत अनुग्रह मिला है। यह शरीर जो पूरे भारत राष्ट्र में चलकर सनातन की सेवा कर पा रही है, वह यहां के विशेष आत्मिक भावधाराओं व ऊर्जा से उर्जित है। मैं आज यहां आप सबको दर्शन देने नहीं बल्कि आप सभी का दर्शन लेने आया हूं।
स्वामीजी ने कहा कि नवनिर्मित शिखर व लक्ष्मी-नारायण भगवान का दर्शन कर आत्मिक प्रसन्नता हुई। आप सभी ग्रामवासी भी भगवान का दर्शन, पूजन, आरती, साफ सफाई, दान-पुण्य व सेवा से खुशी प्राप्त करें ऐसी शुभेच्छा है। कहा कि मंगलवार के दिन बड़े देवताओं व अपने भक्तों का कार्य सरल करने वाले हनुमान जी की उपासना और प्रार्थना जरुर करें। आप सभी बहुत पुण्यात्मा हैं, जो आपको लक्ष्मी-नारायण मंदिर के इस मनोहारी विग्रह की सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। आप सभी स्वस्थ्य व प्रसन्न रहिए ऐसी हमारी मंगल कामना और शुभाशीष है।
इसके पूर्व मंदिर पहुंचने पर पुजारी प्रमोद दास, वैदिक आचार्यगण गौरव मिश्र, अभिषेक तिवारी, प्रियव्रत शुक्ल व आशीष तिवारी के वेदमंत्रों के बीच स्वामी ज्ञानानंद सरस्वती ने लक्ष्मी-नारायण भगवान का विधिवत पूजन-अर्चन, श्रृंगार व आरती की। कार्यक्रम का संचालन सुबासचंद्र वर्मा, धन्यवाद ज्ञापन रविंद्र सिंह व विजयप्रकाश वर्मा ने किया।
इस अवसर पर धीरेंद्र सिंह, वासुदेव मौर्य, रेनू देवी, डाक्टर सुरेंद्र लाल श्रीवास्तव, राधेरमण वर्मा, शकुंतला देवी, आशीष चौधरी, अशोक जायसवाल, गीता देवी, राजीव मौर्य, राहुल मद्धेशिया, चिंता देवी, अविनाश सिंह, अरविंद यादव, पूनम देवी, रवि सिंह, अमित तिवारी, सुलेखा मौर्य, विपिन सिंह, अनिल पटवा, माला देवी, नीरज पांडेय, किशुन चौहान, सुशीला देवी, रामधनी प्रजापति, इंद्रजीत मौर्य सहित सैकड़ों स्त्री-पुरुष, बालक-बुजुर्ग भक्तगण उपस्थित रहे।



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