उद्यमिता प्रशिक्षण में किसानों को वित्तीय समझ व लागत प्रबंधन की दी गई जानकारी
करहां (मऊ) : करहां बाजार के रसूलपुर स्थित संत रविदास मंदिर परिसर में चल रहे पांच दिवसीय कृषक उद्यमिता एवं डिजिटल प्रशिक्षण शिविर के चौथे दिन किसानों को व्यवसाय से जुड़े महत्वपूर्ण आर्थिक पहलुओं की जानकारी दी गई। सत्र के दौरान प्रतिभागियों को स्थिर लागत और परिवर्ती लागत को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया, ताकि वे अपने व्यवसाय की वास्तविक लागत का सही आकलन कर सकें। प्रशिक्षण की शुरुआत पूर्व सत्र की पुनरावृत्ति से हुई, जिसमें उद्यमशीलता की सोच विकसित करने पर जोर दिया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि एक सफल उद्यमी बनने के लिए सकारात्मक सोच, जोखिम उठाने की क्षमता और नवाचार की समझ आवश्यक है।
सत्र में लाभ-हानि संतुलन बिंदु की अवधारणा भी विस्तार से समझाई गई। साथ ही वित्तीय साक्षरता पर विशेष बल देते हुए एसआईपी, डाकघर बचत योजनाएं एवं बैंकिंग सेवाओं जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का संचालन संज्ञा यादव एवं दिव्या पांडेय द्वारा किया गया, जबकि भीष्म सिंह व धनंजय विश्वकर्मा ने सहयोग प्रदान किया। शिविर में चंद्रपाल चौहान, संजय कुमार, चंदन राव, जयश्री प्रसाद, विकास सरोज, सोहित सरोज आदि बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और प्रशिक्षण को उपयोगी बताया।


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