मंदिरों में चढ़ावे की सुरक्षा को बने प्रभावी प्रबंधन तंत्र : नागेंद्र सिंह
करहां (मऊ) : धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए जाने वाले चढ़ावे की सुरक्षा और उसके पारदर्शी उपयोग को लेकर करहां परिक्षेत्र के राजर्षि नगर में शनिवार को प्रबुद्धजनों की बैठक हुई। बैठक में विभिन्न धार्मिक स्थलों पर चढ़ावे की चोरी की सामने आ रही घटनाओं पर चिंता जताते हुए व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और आधुनिक बनाने पर जोर दिया गया।
समाजसेवी एवं किसान नेता नागेंद्र सिंह ने कहा कि मंदिरों और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालु पूरी आस्था के साथ धन, आभूषण और अन्य सामग्री अर्पित करते हैं। ऐसे में चढ़ावे की सुरक्षा के साथ ही उसके आय-व्यय का स्पष्ट और पारदर्शी लेखा-जोखा होना आवश्यक है। इसके लिए प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सक्षम प्रबंधकों की नियुक्ति की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि केवल सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि चढ़ावे के रखरखाव, संरक्षण और उपयोग की जिम्मेदारी तय होना भी जरूरी है। मंदिर परिसरों में नियमित निगरानी की व्यवस्था के साथ जिम्मेदार पदाधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, ताकि चोरी जैसी घटनाओं पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया जा सके।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में पारंपरिक व्यवस्थाओं के साथ आधुनिक प्रबंधन प्रणाली को भी अपनाने की आवश्यकता है। पारदर्शी हिसाब-किताब और मजबूत निगरानी व्यवस्था से न केवल चढ़ावे की सुरक्षा होगी, बल्कि श्रद्धालुओं का धार्मिक संस्थानों के प्रति विश्वास भी कायम रहेगा। इस अवसर पर सुबाशंकर सिंह, वीरेंद्र यादव, संदीप दास, सोमवीर यादव, विजय सिंह, जयप्रकाश, कृष्णा कुमार आदि मौजूद रहे।


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