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सौसरवां की 82 वर्ष पुरानी रामलीला का नौदिवसीय आयोजन आज से

सौसरवां की 82 वर्ष पुरानी रामलीला का नौदिवसीय आयोजन गुरुवार से

•15 से 23 अक्टूबर तक होगा भव्य मंचन

•22 अक्टूबर को दिन की लीला के साथ लगेगा मेला

करहां (मऊ) : करहां परिक्षेत्र के सौसरवां-कमालुद्दीनपुर की ऐतिहासिक रामलीला का नौ दिवसीय आयोजन 15 अक्टूबर से शुरु होकर 23 अक्टूबर तक चलेगा। करीब 82 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में रामलीला के विविध प्रसंगों का मंचन श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहता है। आयोजन के दौरान 22 अक्टूबर को दिन में विशेष लीला के साथ भव्य मेले का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों और क्षेत्रीय श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

इस रामलीला की खास पहचान इसकी विशिष्ट अभिनय परंपरा और अनूठे मंचन से है। यहां भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता की भूमिका नाबालिग ब्राह्मण बालक निभाते हैं, जबकि हनुमान का किरदार परंपरागत रुप से राजपूत समाज के कलाकारों द्वारा निभाया जाता रहा है। रामलीला समिति के पूर्व सम्मानित सदस्य श्रीधर पांडेय ने 43 वर्षों तक ब्रह्मा की भूमिका निभाकर विशेष पहचान बनाई, वहीं दिवंगत महेंद्र सिंह ने 35 वर्षों तक काले हनुमान के रुप में अपने सशक्त अभिनय से दर्शकों के बीच अमिट छाप छोड़ी। वर्तमान में राजेश पांडेय काले हनुमान की भूमिका निभा रहे हैं।

रामलीला का सबसे रोमांचक दृश्य लंका दहन के बाद देखने को मिलता है, जब हनुमान की पूंछ बुझाने के उपरांत उन्हें विशाल जलाशय तैरकर पार करना होता है और अशोक वाटिका में माता सीता से भेंट करनी होती है। इस दौरान हनुमान का मुख काला और सुग्रीव सहित अन्य वानर पात्रों का मुख लाल रंग से सजाया जाता है। वर्षों से चली आ रही इस अनूठी परंपरा और जीवंत मंचन को देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में दर्शक जुटते हैं। समिति के अध्यक्ष बृजबिहारी सिंह ने बताया कि आयोजन समिति की ओर से नौ दिवसीय रामलीला की समस्त तैयारियां पूर्ण कर ली गयी हैं।



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