नहीं रहे सुल्तानीपुर निवासी कवि श्रीराम सिंह "दादा"
करहाँ (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना तहसील अंतर्गत सुल्तानीपुर के प्रतिष्ठित नागरिक व जिले के महान साहित्यकार, कवि, कुशल मंच संचालक एवं सेवानिवृत्त ग्राम पंचायत सचिव श्रीराम सिंह अतुल नहीं रहे। उनका 71 वर्ष की अवस्था में बुधवार को निधन हो गया। उनके एकमात्र पुत्र मयंक शेखर ने काशी के मणिकर्णिका घाट पर देर शाम मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की क्रिया सम्पन्न किया।
ज्ञातव्य हो कि श्रीराम सिंह बचपन से ही मेधावी छात्र एवं व्यवहार कुशल व्यक्तित्व के धनी थे। तरुणाई अवस्था से ही लेखन के प्रति विशेष रुचि रही। परिवार की जिम्मेदारियों के निर्वाहन के साथ सरकारी सेवा कार्य करते हुए भी उनकी रचनाधर्मिता कभी कम नहीं हुई। देश की हर दशा व जीवन के हर पहलू पर उनकी कलम चलती रही। "फिरता मारा-मारा दिल, पापा हमें किताब कलम दो हम भी पढ़ने जायेंगे, अब चलना बहुत जरूरी है चाहे जो मजबूरी है" आदि अनेक कालजयी रचनाएं एवं काव्य संग्रह उनकी साहित्यिक कला-कौशल के प्रखर हस्ताक्षर हैं। कोरोना काल पर लिखा उनका काव्य संग्रह बेहद प्रचलित हुआ था।
कविहृदय श्रीराम सिंह को क्षेत्रवासी प्यार से "दादा" बुलाते थे। कुछ वर्षों से कैंसर से पीड़ित दादा के निधन से सम्पूर्ण क्षेत्र काफी मर्माहत है। समाज के अनेक वर्गों के लोग शोक संवेदना प्रकट करने पहुंच रहे हैं। अरुण कुमार सिंह, रविशंकर भारत, कुँवर अजीत सिंह, ओमकार द्विवेदी, पंकज प्रखर, अरुण सिंह, अजय गुप्ता, अतुल सिंह, सत्यनारायण यादव, वीरू कुमार सहित दर्जनों लोंगो ने शोक सभा कर कवि श्रीराम सिंह अतुल की आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना कर दुख प्रकट किया है।
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