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घोसी तहसील सभागार में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित

घोसी तहसील सभागार में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित

कानूनी अधिकार के बारे में साक्षर होना जरूरी है- राजेश कुमार अग्रवाल

करहाँ, मऊ। घोसी तहसील विधिक साक्षरता प्राधिकरण द्वारा विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के चीफ लीगल एंड डिफेंस काउंसिल मुकद्दस ज़रीफ द्वारा टेली लॉ की विस्तृत जानकारी दिया गया। उन्होंने बताया कि टेली लॉ एक जरूरी प्रयास जो संयुक्त रूप से न्याय विभाग, विधि एवं न्याय मंत्रालय, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड द्वारा शुरू किया गया है।

उन्होने कहा कि टेली लॉ द्वारा संचार व सूचना की अद्यतन तकनीकी (Call/Video Conference) का प्रयोग करते हुये पैनल लायर द्वारा प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले कानूनी सहायता से वंचित लोगों को कानूनी सहायता/सलाह उपलब्ध कराया जाता है।

इस मौके पर कार्यक्रम की अध्यक्षता और संचालन कर रहे एसडीएम न्यायिक राजेश कुमार अग्रवाल ने बताया की प्रत्येक नागरिक को अपने कानूनी अधिकार के बारे में साक्षर होना जरूरी है। किसी भी महिला के साथ यदि इस प्रकार की घटना घटती है तो वह या तो कार्यालय स्तर पर अथवा जिले स्तर पर गठित कमेटी को अपनी गोपनीयता बरकरार रखते हुए शिकायत कर सकती है। उन्होंने जिला एवम तहसील प्राधिकरण में संचालित हो रहे प्री-लिटिगेशन सिस्टम एवं ए0डी0आर0 तंत्र के बारे में जानकारी देते हुए बताया की यदि किसी के परिवार में किसी भी प्रकार की वैवाहिक अथवा अन्य मतभेद हैं जिसमे यदि वह कानूनी तरीके से समाधान करवाना चाहते हैं तो पक्षकार ऐसे मामलों को जनपद न्यायालय के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मध्यस्थता सेंटर में प्री-लिटिगेशन के रूप में दायर करके मामले का निस्तारण करवा सकते हैं। इस प्रक्रिया में किसी भी पक्ष का कोई शुल्क नहीं लगता था होने वाले फैसले को न्यायालय की डिक्री के समान समझा जाता है। निर्धन, अनुसूचित, जनजाति, श्रमिक, बेगार के शिकार व्यक्ति, महिलाएं एवं बच्चे, विकलांग, बाद सूखा, भूकंप आदि दैवीय आपदाओं से पीड़ित व्यक्तियों को किसी भी प्रकार की निःशुल्क कानूनी सहायता प्राधिकरण के तरफ से प्रदान की जाती है। समय-समय पर लोक अदालतों का आयोजन भी प्राधिकरण कराता है। इसके अलावा एसडीएम न्यायिक द्वारा घरेलू हिंसा एक्ट, न्यायिक अलगाव, गुजारा भत्ता, महिलाएं और संपत्ति का अधिकार, पॉक्सो एक्ट इत्यादि तमाम अधिकारों के बारे में विस्तार से बताया। 

वरिष्ठ अधिवक्ता कालिका दत्त पाण्डेय ने सुलभ न्याय की बात कही। उन्होंने न्याय चला निर्धन के द्वार के बारे में लोगों को जानकारी दी साथ ही  कहा कि विधिक साक्षरता शिविर का उद्देश्य लोगों को जागरूक करना है। जिससे वे लोक अदालत के जरिए सुलभ व सस्ता न्याय प्राप्त कर सके। 

घोसी के नायब तहसीलदार निशांत मिश्र ने सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं यथा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन इत्यादि के बारे में विस्तार से बताया। 

इस अवसर वरिष्ठ अधिवक्ता वेद प्रकाश पांडेय, ब्रह्मदेव उपाध्याय, उमाशंकर उपाध्याय, सुतीक्ष्ण मिश्र, सतीश पाण्डेय, बाबूलाल, महेंद्र सिंह, राम प्रवेश, लेखपाल पंकज चौहान, एसडीएम के पेशकार आशुतोष, पेशकार अमरेश कुमार, राम प्रवेश यादव, पूजा, संतोष, अली रज़ा समेत आम जनमानस मौजूद रहे।

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