बेसहारा गोवंश व छुट्टा पशु बन रहे दुर्घटनाओं के कारण, पत्रकार घायल
करहाँ, रानीपुर (मऊ) : शासन प्रशासन की तमाम पहल के बावजूद खेतों और सड़कों पर बेसहारा गोवंश व छुट्टा पशुओं का आवागमन कम नहीं हो रहा है। जनपद में अनेक दुर्घनाओं के कारण बने यह पशु कई जगह जानलेवा भी साबित हो रहे हैं। हाल ही में गालिबपुर में युवक की मौत इसी समस्या का परिणाम रही है। मुहम्मदाबाद चिरैयाकोट मार्ग पर नेवादा पुलिया के पास मालव निवासिनी एक महिला सांड़ की बजह से बुरी तरह चोटिल हो गयी। रविवार को कार्यालय जा रहे एक पत्रकार को भी दो जगह दुर्घटनाओ का शिकार होना पड़ा। जनपदवासियों ने संबंधित विभाग व प्रशासन से इस समस्या पर ध्यान आकृष्ट कराया है।
बता दें कि गेहूं की फसल कटने के बाद इस बरसाती सीजन में जैसे ही धान की फसलें बड़ी होनी शुरू हुई बेसहारा गोवंशों व छुट्टा पशुओं का उवद्रव एक बार फिर बढ़ गया। खेतों में नमी व कीचड़ होने के कारण सड़कें इनकी आरामगाह बनी हुई हैं। इस समय हर जगह झुंड के झुंड पशु जनपद की हर सड़कों पर चलकदमी व आराम करते मिल जाएंगे। जबकि शासन प्रशासन का सख्त आदेश है कि इन्हें पकड़कर अस्थायी गोआश्रय स्थलों में रखा जाय।
रविवार को कई मानसिक आघातों को झेल रहे दैनिक जागरण के पत्रकार तारकेश्वर सिंह अजीत पर मऊ कार्यालय जाते समय पलिगढ़ बाजार में बीच सड़क पर डेरा डाले गोवंशों में से एक सांड़ ने हमला कर मोटरसाइकिल क्षतिग्रस्त कर दी। वे घायल होते बाल-बाल बचे। जबकि अनेक मोड़ो वाले सुल्तानीपुर से मिर्ज़ाहदीपुरा रोड पर दोनों तरफ से झुकी झाड़ियां भी अनेक दुर्घटनाओं का सबब बन रहीं है।
इसकी वजह से सामने वाली आती गाडियाँ दिखाई नहीं दे रही हैं।
मऊ रेलवे ओवर ब्रिज तक पहुँचते-पहुँचते फोरलेन सड़क पर आतंक मचाये खच्चर घोड़ो ने पुनः पत्रकार पर हमला कर दिया। जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई हैं।
शहर मुख्यालय की अनेक सड़कों व गलियों में खच्चर-घोड़ो का उत्पात एक बड़ी समस्या है। इनके मालिक काम लेने के बाद इन्हें सड़कों पर बेफिक्र होकर खुलेआम छोड़ दे रहे हैं।
शहर के लोंगो की नगर पालिका व पुलिस प्रशासन से इस समस्या से निजात दिलाने व संबंधित पर कार्यवाही करने की अपील कई बार समाचार पत्रों में प्रकाशित हो चुकी है, बावजूद यह समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। लोंगो ने पुनः इनसे निज़ात दिलाने की माँग किया है।







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