सत्संग से होता है आत्मा व परमात्मा का बोध : जयगुरु वंदेजी महाराज
करहां (मऊ) : रसड़ा तहसील व ब्लॉक के सरायभारती सिलहटा में जय गुरु वंदे आश्रम पर तीन दिवसीय सत्संग-भजन तथा भंडारा में आए हुए आस्थावान सत्संगी जनों को संबोधित करते हुए सद्गुरु स्वामी जय गुरु वंदेजी महाराज ने कहा कि जब मनुष्य किसी संत महापुरुष के शरण में जाकर सेवा, सत्संग, भजन व भक्ति करने से उसके हृदय में आत्मा व परमात्मा का बोध हो जाता है। इसके बाद उसकी चेतना स्मृति का जागरण होता है, तब वह मानव संसार में रीति रिवाज, ढोंग, पाखंड, जाति, पाति, आडंबर, मजहब, संप्रदाय को त्याग कर मात्र एक मानव धर्म की मानवता को अपनाकर अपने जीवन में भक्ति, भजन, प्रेम, मीठी वचन को अपनाकर एक सतगुरु रुपी परमात्मा को इष्ट मानकर उन्ही के अनुसार जनहित, परहित करते हुए इस संसार सागर से पार जाकर परमपिता परमेश्वर से साक्षात्कार करके मानुष तन में आए हुए अवसर का लाभ उठाकर धन्य हो जाता है।
बताया कि यहां से वह महान सुजान और भगवान बनकर गुरु कृपा से परमधाम में स्थान पा लेता है। ऐसे भक्ति, दास, चेला का नाम संसार में सदैव अमर रहता है। इसीलिए अपने भजन में स्वामी जय गुरु वंदे महाराज कहते हैं कि- "गुरू बिना गोविंद को, देख न पाया कोय। ज्ञानी ध्यानी जय गुरु बंदे, चाहे जितना होय।। गुरू की भक्ति जो किया, बन जाता सब काम। मिला राम से जय गुरु वंदे, अमर उसी का नाम।।"
सत्संग भजन भंडारा के तीसरे दिन सभी भक्तों को गुरु वंदे महाराज जी ने आशीर्वाद दिया और पढ़ने वाले बच्चों को पेंशन, कलम, कॉपी का वितरण करके शिक्षित बनने का आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम में कई भक्तों ने संगीत के माध्यम से सबको भजन सुनाया। कार्यक्रम के आयोजक परमसंत रमेश दास ने सभी भक्तों को प्रसाद वितरित कराया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला पंचायत मऊ के पूर्व अध्यक्ष राकेश सिंह, समाज सेवी पंडित अजय तिवारी, खेदन यादव, शिव बच्चन यादव, देवेंद्र सिंह, इन्द्रजीत सिंह, रामजी सिंह, राम सिंह, महेंद्र यादव, कन्हैया सिंह, ऋषि मुनि कुशवाहा, वीरेंद्र यादव, सुग्रीव कुशवाहा, फूला साहनी, अमिताभ मौर्य, शिवलोचन साहनी, वीरभद्र गिरी, सुरेश यादव, स्वामीनाथ यादव, त्रिभुवन यादव, लल्लन सिंह आदि भक्तजन इस सत्संग में तीनों दिन सेवा भाव से लग रहे।



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