नवधा भक्ति की कथा सुन भावविभोर हुये श्रोता
◆शमशाबाद में चल रहा रुद्र महायज्ञ का आयोजन
◆भक्तों को रामकृष्ण दासजी महाराज का मिल रहा आशीर्वाद
करहां (मऊ) : करहां परिक्षेत्र के शमशाबाद स्थित नवनिर्मित शिव मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर रुद्र महायज्ञ का आयोजन चल रहा है। प्रथम दिवस में कलश पूजन, मंडप प्रवेश, 33 कोटि देवी-देवताओं का आवाहन, वेदी पूजन व अरणी मंथन कर समिधा निवेदित की गई। अनेक श्रद्धालुभक्त मंडप की परिक्रमा कर शेरपुर कुटी के महंत रामकृष्ण दासजी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।
सायंकाल मानस मर्मज्ञ भूपेंद्र दासजी महाराज व सुधीर दासजी महाराज ने रामकथा सुनाई। जहां भुपेंद्रदास ने रामकथा के मूल चार कथा वक्ताओं शिव-पार्वती, याज्ञवल्क्य-भारद्वाज, कागभुशुण्डि-गरुण व बाबा तुलसी के योगदान का महत्व बताया, वहीं सुधीर दासजी महाराज ने भगवान की नवधा भक्ति पर प्रकाश डाला। नवधा भक्ति की कथा सुन श्रोतागण भावविभोर नजर आये।
सुधीर दासजी महराज ने बताया कि पहली भक्ति संतो का संग व दूसरी भक्ति भगवान की कथा में मन का लगाना ही है। 'प्रथम भगति संतन कर संगा, दूसरि रति मम कथा प्रसंगा।' कहा कि सत्संग व कथा श्रवण से जीवन में अनेक लाभ प्राप्त होते हैं। उन्होंने श्रवण, कीर्तन, स्मरण, पादसेवन, अर्चन, वंदन, दास्य, सख्य, और आत्मनिवेदन रुपी नौ तरह की भक्ति का उल्लेख किया। कहा कि यह नवधा भक्ति भक्त प्रहलाद को प्राप्त हुई थी। इसके अलावा भगवान राम ने शबरी को नवधा भक्ति का आशीर्वाद दिया था। 'श्रवणं कीर्तनं विष्णोः स्मरणं पादसेवनम्, अर्चनं वन्दनं दास्यं सख्यमात्मनिवेदनम्।'
इस अवसरप पर आयोजनकर्ता नारायण दास, रामनारायन गुप्ता, रमेश सरोज, आचार्य कपिलदेव, दिनेश सरोज, योगी योगेंद्र, कमलेश सरोज, आशा देवी, रामअधार, संतोष तिवारी, अजय कुमार, बालक दास, गीता देवी, टिलठू राम, गुड्डी देवी सहित सैकड़ों स्त्री-पुरुष श्रद्धालुगण उपस्थित रहे।



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