नवनिर्मित मंदिर में स्थापित हुआ शिव-परिवार
करहां (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक के शमशाबाद में चल रही रुद्र महायज्ञ के बीच नवनिर्मित मंदिर में शिव परिवार के विग्रहों की विधि-विधानपूर्वक स्थापना की गई। इस दौरान मानस मर्मज्ञ सुधीरदास महाराज ने प्रभु श्रीराम व शबरी की कथा सुनाई। बताया कि अपने भील समाज में हो रही बलि से क्षुब्ध होकर माता शबरी ने घर त्यागकर जंगल में रहकर भजन करना स्वीकार कर लिया।
कथा विस्तार के क्रम में उन्होंने बताया कि शबरी भील समाज से संबंधित थीं। भील समाज में किसी भी शुभ अवसर पर पशुओं की बलि दी जाती थी। शबरी को पशु-पक्षियों से बहुत स्नेह हुआ करता था, इसलिए पशुओं को बलि से बचाने के लिए शबरी ने विवाह नहीं किया और ऋषि मतंग की शिष्या बन गई। उन्होंने ऋषि मतंग से धर्म और शास्त्रों का ज्ञान प्राप्त कर भजन करने लगीं। इसी का परिणाम था कि प्रभु श्रीराम ने खुद चलकर उन्हें दर्शन देकर नवधा भक्ति का आशीर्वाद दिया। बताया कि बड़े-बड़े भक्तों को कहीं जाकर एक भक्ति प्राप्त होती है, लेकिन शबरी को प्रभु कृपा से संतो का संग, राम कथा से प्रेम, गुरु चरणों की सेवा, भगवान के गुणों का स्मरण, मंत्र जाप, भक्ति व साधना, जगत को राममय देखना, संतोष व सरलता जैसे नौ तरह की भक्ति का वरदान मिला गया।
इस मौके पर शेरपुर कुटी के महंत रामकृष्ण दास महाराज, आयोजनकर्ता व मुख्य यजमान नारायण दास, विजय दास, प्रमोद दास, संतोष तिवारी, कपिलदेव शास्त्री, उषा देवी, रामनारायन गुप्ता, कमलेश सरोज, अजय सरोज आदि सैकड़ों भक्त मौजूद रहे।




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