तहसीलदार के भ्रष्ट कार्यप्रणाली के विरुद्ध अधिवक्ता हुए लामबंद, किया बहिष्कार
करहां (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना तहसील के तहसीलदार के रवैये एवं भ्रष्ट कार्यप्रणाली से क्षुब्ध अधिवक्ताओं ने मंगलवार को उनके न्यायालय का बहिष्कार कर उनके विरुद्ध जमकर नारेबाजी की तथा बैठक कर उनके स्थानांतरण तक आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया।
अधिवक्ताओं ने सुल्तानपुर में हुई अधिवक्ता महेंद्र मौर्य की हत्या पर दुख प्रकट करते हुए न्यायिक कार्यों से विरत रहने का प्रस्ताव मंगलवार को प्रातः सभी न्यायालयो को दिया। जिस पर सभी न्यायालयों में तो तारीखे लग गयी लेकिन तहसीलदार जबरदस्ती न्यायालय में बैठकर सुनवाई करने लगे। जिसकी जानकारी मिलने पर अधिवक्ताओं ने उनके न्यायालय में पहुंचकर उनके विरुद्ध जमकर नारेबाजी की और उनके न्यायालय का बहिष्कार करते हुए बैठक कर प्रस्ताव पारित किया कि जब तक इस तहसीलदार का स्थानांतरण नहीं होगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
बैठक में अधिवक्ताओं ने तहसीलदार के रवैये पर रोष प्रकट करते हुए कहा कि यह तहसीलदार जब घोसी तहसील में थे तो वहां पर भी अधिवक्ताओं के साथ उनके द्वारा दुर्व्यवहार एवं अधिवक्ताओं को अपमानित किया गया था। जिसका विरोध घोसी के अधिवक्ताओं ने करते हुए इनके विरुद्ध आंदोलन किया। जिसके कारण इनको स्थानांतरित कर वहां से यहां भेज दिया गया, परन्तु इनके रवैये में कोई सुधार नहीं हुआ और यहां आकर भी वे अवैध धन उगाही करने लगे और पत्रावलियों का अलग-अलग रेट तय कर धन उगाही कर रहे है। जिससे अधिवक्ता काफी परेशान है। अधिवक्ताओं ने बताया कि पत्रावालियो में निर्धारित तारीख पेशी के पूर्व ही आदेश पारित किया जा रहा है। तहसीलदार कार्यालय व न्यायालय दलाल एवं बिचौलियो के माध्यम से कार्य किया जा रहा है।
तहसीलदार कहते है कि हमें अधिवक्ताओं की आवश्यकता नहीं है। अधिवक्ता यदि कोई प्रार्थना पत्र लेकर जाता है तो उसे दर किनार करते हुए कहते है कि प्रार्थना पत्र बाबू को दे दिजिए। अधिवक्ताओं का यह भी कहना है कि तहसीलदार ने अधिवक्ताओं को अपमानित करने एवं कष्ट देने के उद्देश्य से अपने न्यायालय में अधिवक्ताओं को बैठने के लिए लगी कुर्सी व मेज तक हटवा दिया।
बैठक की अध्यक्षता तहसील अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष फिरोज अहमद सिद्दकी एवं संचालन मंत्री उमाशंकर यादव ने किया। इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष अली अकरम, प्रदीप पांडेय, अशोक कुमार, खालिद जमाल खान, विद्यापति यादव, गुलाबचंद, छोटेलाल, ओम प्रकाश, रमेशचंद सिंह, महेंद्र राय, आबिद एजाज, संजय शर्मा, जे.पी. श्रीवास्तव, प्रभाकर राय, आफताब आलम, विनय श्रीवास्तव, राजकुमार, श्यामलाल, लालबहादुर, सूर्यबली पासवान, मुनव्वर, लल्लन सिंह, सुधीर श्रीवास्तव, घनश्याम भारद्वाज, सभ्य कुमार पाल, अरशे आलम आदि सभी अधिवक्ता उपस्थित रहे।


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