डीसीएसके पीजी कॉलेज के पहले अध्यक्ष प्रहलाद सिंह के निधन से शोक
करहां (मऊ) : धवरियासाथ गांव के सम्मानित नागरिक व जिले के सुप्रसिद्ध डीसीएसके पीजी कॉलेज के पहले छात्रसंघ अध्यक्ष रहे प्रहलाद सिंह का बुधवार दोपहर आकस्मिक निधन हो गया। निधन की सूचना पर गांव सहित पूरे जिले में मातम छा गया और विभिन्न क्षेत्रों के जाने-माने लोग शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देकर श्रद्धासुमन अर्पित करने पहुंचने लगे। उनका अंतिम संस्कार वृहस्पतिवार को सुबह गंगा तट गाज़ीपुर स्थित जनता घाट शवदाह गृह पर किया गया। उनके एकमात्र पुत्र अभय सिंह ने नम आंखों से मुखाग्नि दी। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों के सैकड़ों जाने-माने लोग मौजूद रहे।
गौरतलब हो कि प्रहलाद सिंह अपने जीवन में एक कुशल नेतृत्वकर्ता, सफल भट्ठा संचालक, प्रगतिशील किसान, संत स्वभाव के प्रख्यात सामाजिक व्यक्तित्व के धनी थे। वर्तमान में वे सिसोदिया संघ व अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के संरक्षक थे और स्वजनों के सुख-दुख में चट्टान की तरह खड़े मिलते थे। सिकठिया कि प्रख्यात ब्रह्मलीन संत व महंत रहे दरबारी दासजी महाराज के संपर्क में आने से उनके अंदर वैराग्य उत्पन्न हो गया और वे साधु वस्त्र धारण कर वानप्रस्थ जीवन व्यतीत करते हुए अध्यात्म, योग, आसन, प्राणायाम व ध्यान के अनुगामी व प्रचारक बन गये।
वे अपने पीछे पुत्र-पुत्रियों, भतीजे-भतीजियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ा है। उनकी धर्मपत्नी व अनुज वशिष्ठ सिंह का निधन पहले ही हो चुका है। उनके निधन पर घोसी विधायक सुधाकर सिंह, लोकदल के प्रदेश महासचिव देवप्रकाश राय, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष राकेश सिंह व ओमप्रकाश सिंह, सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के प्रतिनिधि फागू सिंह, भाजपा नेता अशोक सिंह व गनेश सिंह, सिसोदिया संघ के अध्यक्ष आरपी सिंह, महामंत्री भीष्मदेव सिंह, आईपीएस अनिल सिंह सिसोदिया, राघवेंद्र सिंह माखन, संतोष द्विवेदी, कैलाश पांडेय, बलवंत सिंह, विनोद सिंह, अरुण त्रिपाठी, जनार्दन सिंह, कुंवर अजीत प्रताप, कुंदन तिवारी आदि ने शोक व्यक्त किया। कहा कि उनके निधन से जिले ने एक महान व्यक्तित्व को खो दिया है जिसकी क्षति अपूरणीय है। उनके साथ एक महान युग का अंत हो गया। ऐसे विलक्षण पुरुष विरले ही देखने को मिलते हैं।





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