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पंचतत्व में विलीन हुए डीसीएसके पीजी कॉलेज के पहले अध्यक्ष प्रहलाद सिंह

पंचतत्व में विलीन हुए डीसीएसके पीजी कॉलेज के पहले अध्यक्ष प्रहलाद सिंह

•सैकड़ों गणमान्यों के बीच एकलौते पुत्र अभय सिंह ने नम आँखों से दी मुखाग्नि

•बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे संत हृदय प्रहलाद सिंह

करहां (मऊ) : कोपागंज ब्लॉक के धवरियासाथ गांव के सम्मानित नागरिक व जिले के सुप्रसिद्ध डीसीएसके पीजी कॉलेज के पहले छात्रसंघ अध्यक्ष रहे प्रहलाद सिंह का बुधवार दोपहर आकस्मिक निधन हो गया। गुरुवार पूर्वाह्न सैकड़ों गणमान्य लोंगो की उपस्थिति में राजा गाधि की नगरी गाधिपुरी गंगा तट पर जनता घाट गाज़ीपुर में उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके पुत्र अभय सिंह ने परिजनों संग नम आँखों से पिता को मुखाग्नि दी।

बता दें कि प्रहलाद सिंह बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने अपने 75 वर्ष के जीवनकाल में एक कुशल नेतृत्वकर्ता, सफल भट्ठा संचालक, प्रगतिशील किसान, कुशल संगठनकर्ता, संत स्वभाव, भजन, संकीर्तन, सत्संग, योग, आसन, प्राणायाम, ध्यान, साहित्य, संगीत व आध्यात्मिक लगाव के कारण बहुत ख्याति प्राप्त की। उनका व्यक्तित्व ऐसा आकर्षक था कि उनसे जो भी मिलता उन्हीं का होकर रह जाता।

वर्तमान में वे सिसोदिया संघ व अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के संरक्षक थे और स्वजनों के सुख-दुख में चट्टान की तरह खड़े मिलते थे। सिकठिया के प्रख्यात ब्रह्मलीन संत व महंत रहे दरबारी दासजी महाराज के संपर्क में आने के बाद उनके मन में वैराग्य उत्पन्न हो गया और वे साधु वस्त्र धारण कर वानप्रस्थ जीवन व्यतीत करते हुए परिवार व समाज के मार्गद्रष्टा के रुप में कार्य कर रहे थे। उन्होंने संकीर्तन परिवार की स्थापना कर सिकठिया सहित जिले भर में कई दिवसों, महीनों व वर्षो तक अखंड रामनाम संकीर्तन का सफल संचालन किया। क्षत्रिय समाज से कुरीतियों और दोषों को दूर करने के लिए वे सदैव प्रयासरत रहे। राणा सांगा के सम्मान में जिला मुख्यालय पर आयोजित ऐतिहासिक कार्यक्रम में दिया गया उनका संदेशपरक उद्बोधन उनका अंतिम संबोधन साबित हुआ जब वे बुधवार दोपहर भोजन के बाद शवासन करते हुए चिरनिद्रा में सो गये। वे अपने पीछे एक पुत्र, तीन पुत्रियों, छः भतीजे-भतीजियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गये हैं। उनकी धर्मपत्नी व अनुज वशिष्ठ सिंह का निधन पहले ही हो चुका था।

उनके निधन पर घोसी विधायक सुधाकर सिंह, लोकदल के प्रदेश महासचिव देवप्रकाश राय, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष राकेश सिंह व ओमप्रकाश सिंह, सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के प्रतिनिधि फागू सिंह, भाजपा नेता विजयप्रताप सिंह, नागेंद्र सिंह, अशोक सिंह, संतोष सिंह व गनेश सिंह, सिसोदिया संघ के अध्यक्ष आरपी सिंह, महामंत्री भीष्मदेव सिंह, संयुक्त सचिव चन्द्रविजय सिंह, आईपीएस अधिकारी अनिल सिंह सिसोदिया, स्नातक एमएलसी प्रतिनिधि राघवेंद्र सिंह माखन, प्रधान अभिषेक सिंह टिंकू, डीसीएसके के पूर्व अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह, संगीत जगत के महारथी संतोष द्विवेदी, कैलाश पांडेय, बलवंत सिंह, विनोद सिंह, अरुण त्रिपाठी, अधिवक्ता जनार्दन सिंह, पत्रकार कुंवर अजीत प्रताप, कुंदन तिवारी आदि ने शोक व्यक्त किया है।

कहा कि उनके निधन से जिले ने एक महान व्यक्तित्व को खो दिया है जिसकी क्षति अपूरणीय है। उनके साथ एक महान युग का अंत हो गया। ऐसे विलक्षण एवं महारथी पुरुष विरले ही देखने को मिलते हैं। वे अपने जन्म के साथ ही नाम व यश लेकर पैदा हुए जो उनके साथ चला गया।



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