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प्रधान द्वारा अवैध तरीके से पेड़ काटे जाने का ग्रामीणों ने किया विरोध, पहुंचे जांच अधिकारी

प्रधान द्वारा अवैध तरीके से पेड़ काटे जाने का ग्रामीणों ने किया विरोध, पहुंचे जांच अधिकारी


(मऊ) : विकास खंड मुहम्मदाबाद गोहना के ग्राम पंचायत मालव में ग्रामप्रधान द्वारा गांव की सार्वजनिक भूमि पर अवैध तरीके से पेड़ कटवाये जाने का मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में सोमवार को जलविहीन अमृत सरोवर पर पुनः पेड़ कटवाये जाने की तैयारी पर ग्रामीणों ने विरोध जताया।


नौ महीने पहले भी इसी तरह अवैध तरीके से पेड़ कटवाये जाने को लेकर एक ग्रामीण ने तहसील दिवस पर हाल ही में प्रार्थना पत्र दिया था। इस संबंध में उपजिलाधिकारी के निर्देश पर सायंकाल कानूनगों व लेखपाल जांच अधिकारी के रुप में मौके पर पहुचे और ग्रामीणों की बात सुनते हुए उनसे लिखित बयान भी लिया।

मिली जानकारी के अनुसार मालव ग्राम पंचायत में कमालपुर पहाड़पुर गांव के जलजीवन मिशन अंतर्गत पानी की टंकी बनाये जाने को लेकर तत्कालीन उपजिलाधिकारी ने उक्त कार्य में बाधा बन रहे कुछ पेडों की कटाई का निर्देश दिया था। बताया जाता है कि इसकी कटाई के बाद गांव की सार्वजनिक भूमि गाटा संख्या 3112 पर 40 वर्ष पहले लगे यूकोलिप्टस व शीशम के पुराने लगभग 250 पेडों को भी ग्रामप्रधान शशिकला भारती पत्नी सूर्यप्रताप उर्फ गोल्डी ने कटवा कर बेंच दिया। ग्रामीणों के बार-बार पूछने पर बताया कि इस पैसे से उस भूमि की चहारदीवारी बनाई जाएगी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि नौ महीनों में न तो चहारदीवारी बनाई गई और न ही उन पैसों को सरकारी कोष में जमा किया गया।


इस संबंध में तहसील दिवस पर ग्रामीण सत्यानंद सिंह द्वारा दिये गए प्रार्थना पत्र के संबंध में सोमवार सायंकाल कानूनगो कृष्णकांत सिंह व लेखपाल सौरभ पांडेय जांच अधिकारी के रुप में मौके पर पहुंचे। उन्होंने उक्त सार्वजनिक भूमि पर काटे गए पेड़ों का मौका मुआयना किया एवं ग्रामीणों से उनके विरोध का कारण जाना। साथ ही जांच अधिकारियों ने ग्रामीणों से लिखित बयान भी लिया। मौके पर ग्रामप्रधान को बुलाया गया लेकिन वे जिला मुख्यालय पर होने की बात बताकर पहुंचने में असमर्थता व्यक्त की।


इस विषय में प्रधान प्रतिनिधि सूर्यप्रताप उर्फ गोल्डी ने बताया कि मैंने अपने गांव में पड़ोसी गांव की टंकी न बनाये जाने का विरोध दर्ज कराया था लेकिन शासन के निर्देशों के क्रम में काम किया गया और निर्धारित जमीन व रास्ते पर पड़ने वाले पेड़ो की कटाई करवाई गई। शेष पेड़ खराब न हों जाय इसलिए उनको भी कटवाकर उसका पैसा राजस्व में जमा कर दिया। गांव के पैसे के 70 प्रतिशत पुनः गांव में विकास कार्यों के लिए भेजा जाता है, जो अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। इसकी शिकायत भी मैं कर चुका हूं। अमृत सरोवर पर पथवे के मार्ग में पड़ने वाले सूखे पेड़ों की कटाई करवाई गई थी। साथ ही आज गांव के पिटोखर में बन रहे काली मंदिर के निर्माण हेतु कुछ पेड़ काटे जाने थे जिसे ग्रामीणों ने रोक दिया।


इस अवसर पर सत्या सिंह, सर्वेश उर्फ गुडडू पंडित, शैलेश सिंह, रवि तोमर, महेंद्र चौहान, मुन्ना कन्नौजिया, गोविंद प्रयास, दिवाकर सिंह, मारकंडेय राजभर, बबलू सिंह, बृजभान, दीनबंधु, राजेश कुमार, अर्जुन विश्वकर्मा, लालचंद, राजेश, अमित गिरी आदि दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।



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