विश्वशांति का मार्ग प्रशस्त करती है रामकथा : जगदीशाचार्य
करहाँ (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक के स्वयंभू शिव मंदिर शमशाबाद में चल रही राम कथा में गुरुवार को जगदीशाचार्य जी महाराज ने रामकथा के प्रभावों पर चर्चा की। कहा कि रामकथा जहां अनाचार व दुराचार समाप्त करती है, वहीं विश्वशांति का मार्ग भी प्रशस्त करती है।
बताया कि काशी में तुलसी दास द्वारा कही गयी कथा आम जनमानस के बीच पहुंची और अनेक समुदायों का भ्रम इससे दूर हुआ। यह कथा राजनीति, धर्मनीति और मर्यादाओं का पाठ पढ़ाती है। रामकथा का भारतीय संस्कृति, कला, साहित्य और जीवन पर भी व्यापक प्रभाव पड़ा है। यह कथा हमें सदाचार, कर्तव्य, भक्ति, सत्य और न्याय जैसे मूल्यों का पालन करने की प्रेरणा देती है। रामकथा ने भारतीय कला और साहित्य को भी गहराई से प्रभावित किया है।
इस दौरान आचार्य करुणाशंकर महाराज, इंद्रदेव सिंह, घुरहू गुप्ता, दयाशंकर तोमर, हरिश्चंद्र राम, कालिंदी देवी, रामकृत शर्मा, डब्लू सिंह, आरती शर्मा, श्यामविजय सिंह, आर्यन प्रताप, सत्यम सिंह सहित अनेकों श्रद्धालु श्रोतागण मौजूद रहे।

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