प्राचीन शिवाला मंदिर, इटौरा चौबेपुर
करहां (मऊ) : जिले के नदवासराय से जीयनपुर मार्ग पर पवित्र छोटी सरयू नदी के किनारे इटौरा चौबेपुर गांव में अति प्रसिद्ध व प्राचीन शिवाला मंदिर तथा सम्में माता का स्थान स्थित है। उक्त स्थान पर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए काफी दूर-दराज व स्थानीय लोंगो का आना-जाना लगा रहता है। जहां सम्में माता के स्थान पर रविवार और मंगलवार को कड़ाही चढ़ाने वाले सैकड़ों लोंगो की भीड़ जमा होती है, वहीं प्राचीन शिव मंदिर पर प्रतिदिन तथा सावन व शिवरात्रि पर विशेष रुप से शिवभक्त दर्शन-पूजन करने आते हैं।
मंदिर का इतिहास : बताया जाता है कि प्राचीन शिव मंदिर 250 वर्ष पुराना और सम्में माता का स्थान तो उससे भी अति प्राचीन है। ग्रामीणों के मुताबिक एक बार दैवीय आपदा में पूरा गांव समाप्त हो गया था। तब माता की कृपा व डीहू बाबा के सहयोग से लंबे अरसे बाद गांव पुनः आबाद हुआ। शिव मंदिर का निर्माण गांव निवासी स्वर्गीय बख्शू साव ने करवाया था। यह मंदिर सोमपुरा शैली में पत्थर से बना है। इसमें किसी भी तरह के सीमेंट, बालू, सरिया, सुर्खी-चूना आदि का प्रयोग नहीं किया गया है। सबसे विशेष बात यह है कि यहां एक अरघे में दो बड़े शिवलिग स्थापित हैं।
मंदिर की विशेषता : इस मंदिर की क्षेत्र और दूर दराज में बहुत मान्यता है। यहां की व्यवस्था का पूरा संचालन निर्माणकर्ता के संबंधित परिवार के सदस्य बसंत लाल साव व उनके प्रतिनिधि समाजसेवी अजय जायसवाल के द्वारा किया जाता है। यहां प्रतिदिन दोपहर 12 से 02 बजे के बीच गरीबों व जरूरतमंदों को निश्शुल्क भोजन कराया जाता है। शिवरात्रि पर करीब 10 हजार लोंगो को भंडारा कराया जाता। वैसे तो यहां 365 दिन नियुक्त पुजारी और श्रद्धालुओं द्वारा पूजन-अर्चन किया जाता है, लेकिन सावन और महाशिवरात्रि पर विशेष रुद्राभिषेक, रामायण पाठ, कीर्तन-भजन व भंडारे का आयोजन होता है। यहां शादी-विवाह सहित सभी मांगलिक कार्यों का संपादन भी होता है।
•जायसवाल बंधुओ के द्वारा मंदिर की सेवा हेतु पुजारी सहित आधा दर्जन लोग नियुक्त किए गए हैं। कोई साफ-सफाई, कोई फूल-पत्ती, कोई गोशाला, कोई रखरखाव और कोई भंडारा का कार्य देखता है। महादेव बहुत कृपालु हैं और सबका मंगल करते हैं।
◆आचार्य प्रमोद मिश्रा, पुजारी•हमारे परिवार का इस मंदिर से विशेष नाता है। यहां के महादेव बहुत जाग्रत व सबका कल्याण करने वाले हैं। यहां हमेशा पूजन-अर्चन व मन्नतें मांगने के लिए लोग आते हैं। शिवजी का हमारे परिवार सहित क्षेत्रीय लोंगो पर आशीर्वाद बना रहे।
◆अविनाश जायसवाल डिंपू, शिवभक्त





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