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बाइक की टक्कर से घायल किसान की इलाज के दौरान मौत, परिजनों में मातम

बाइक की टक्कर से घायल किसान की इलाज के दौरान मौत, परिजनों में मातम

◆मुबारकपुर थाना क्षेत्र के पुषणा आईमा में हुई थी दुर्घटना

◆जहानागंज थानांतर्गत असोना गांव के निवासी किसान थे मृतक श्यामवेंद्र

आजमगढ़। जिले के मुबारकपुर थानान्तर्गत पुषणा आईमा गांव स्थित पूर्वांचल एक्सप्रेससवे के सर्विस रोड पर 29 जुलाई दिन मंगलवार दोपहर एक तेज रफ्तार बाइक सवार युवक बाजार जा रहे एक 37 वर्षीय किसान को जोरदार टक्कर मारकर फरार हो गया। काफी देर बाद स्थानीय लोंगो की सूचना पर पहुंचे परिजनों ने बुरी तरह घायल किसान को अस्पताल ले गए। 15 दिनों तक आजमगढ़ शहर के वेदांता हास्पिटल में इलाज उपरांत पिछले 07 दिनों से वाराणसी के हेरिटेज मेडिकल हास्पिटल में इलाज के दौरान बुधवार पूर्वाह्न उनकी मौत हो गई। मौत की सूचना पर जहां पूरे गांव में मातम छा गया वहीं परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। वाराणसी के शिवपुर स्थित पोस्टमार्टम हाउस पर उनका अंत्य परीक्षण कर देर रात शव घर आया। देर रात आजमगढ़ तमसा तट के राजघाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जहानागंज थानांतर्गत असोना गांव निवासी श्यामवेंद्र सिंह पुत्र स्व. जगदीश सिंह खेती-किसानी करते थे। 29 जुलाई मंगलवार दोपहर कृषि संबंधी किसी सामान की ख़रीददारी करने वह सठियांव बाजार जा रहे थे। लगभग दिन में 11:30 बजे के आसपास जैसे ही वह पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के सर्विस रोड पर पुषणा आईमा गांव के पास पहुंचे थे कि सामने से अत्यंत तेज रफ्तार एक बाइक सवार युवक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया। टक्कर इतनी तेज थी कि वे दूर जा गिरे और उनके सिर, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आ गयी।

क्षेत्रीय लोंगो ने काफी देर बाद उन्हें सड़क किनारे बेहोशी की हालत में देख परिजनों को सूचना दी। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां फौरन डाक्टरों ने सिर में आई गंभीर चोट के इलाज के लिए मेजर आपरेशन किया, लेकिन 22 दिनों बाद भी उन्हें होश नहीं आया। फिलहाल आजमगढ़ से रेफर होकर उनका इलाज वाराणसी के हेरिटेज मेडिकल हास्पिटल में चल रहा था, जिनकी बुधवार पूर्वाह्न 09:30 पर वहां मौत हो गयी। मृतक के छोटे भाई ज्ञानवेंद्र सिंह ने बताया कि इलाज में व्यस्त रहने के बावजूद समय निकालकर मैंने मुबारकपुर थाने में तहरीर दिया था, लेकिन अबतक मुकदमा पंजीकृत नहीं किया गया।

बता दें कि मृतक श्यामवेंद्र सिंह चार भाईयों में तीसरे स्थान पर थे। उनकी माताजी का पिछले महीने ही देहांत हुआ था। तीनों भाइयों के परिवार के साथ  उनकी विधवा पत्नी, एक बिटिया और एक बेटे का रो-रो कर बुरा हाल है। ग्रामवासी इस मामले में पुलिस के रवैये से बेहद असंतुष्ट हैं।

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