सर्वाभ्युदय हेतु चल रहा श्री रुद्रचंडी महायज्ञ का आयोजन : जनार्दनाचार्य
•स्वयंभू शिव मंदिर परिसर में हुआ वेदी पूजन, रुद्र-चंडी पाठ, हवन, रुद्राभिषेक व महाआरती
•स्वच्छ पर्यावरण से तन-मन में आती है शुद्धता : जगदीशाचार्य महाराज
करहां (मऊ) : क्षेत्र के स्वंयभू शिव मंदिर शमशाबाद के परिसर में चल रही नौ दिवसीय श्री रुद्रचंडी महायज्ञ के पांचवें दिन वेदी पूजन, रुद्र-चंडी पाठ, हवन, पार्थिव शिवलिंगों का रुद्राभिषेक व महाआरती की गई। प्रयागराज से पधारे संतद्वय जगदीशाचार्य व जनार्दनाचार्य महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को यज्ञ की महिमा बताई।
जनार्दनाचार्य महाराज ने कहा कि शमशाबाद में सर्वाभ्युदय की प्रबल भावना से श्री रुद्रचंडी महायज्ञ का आयोजन किया गया है। इसका उद्देश्य देवताओं को प्रसन्न करना एवं पर्यावरण को शुद्ध बनाना है। इस यज्ञ के माध्यम से शिव और शक्ति दोनों को प्रसन्न किया जाता है, क्योंकि शक्ति के बिना शिव अधूरे हैं। इसलिये उन्हें अर्धनारीश्वर कहा जाता है। यदि शिव में से शक्ति का 'ई' तत्व हटा दिया जाय तो शिव स्वयं शव बन जाते हैं।
सायंकाल की रामकथा में जगदीशाचार्य महाराज ने विश्वामित्र के साथ राम-लक्ष्मण के जनकपुर में आगमन का प्रसंग सुनाया। कहा कि अहिल्या के उद्धार के बाद वह तीनों लोग जनकपुर में आए तो वहां के स्वच्छ और मनोहारी वातावरण को देखकर हर्षित हो उठे। राम-लक्ष्मण ने महर्षि विश्वामित्र से कहा कि हे गुरुदेव जब यहां का पर्यावरण इतना साफ-सुथरा और मनमोहक है, तब यहां के लोग कितने सुंदर, निर्मल और संत स्वभाव के होंगे। उन्होंने भक्तों को बताया कि तन, मन की सुंदरता के लिए स्वच्छ वातावरण का होना बेहद आवश्यक है। इसलिए देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी सबसे पहले स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की।
इस अवसर पर इंद्रदेव सिंह, आचार्य विद्यासागर, बालेंद्र भूषण सिंह, पंडित माधव, हरिनारायण सिंह, बाबूलाल, मीरा देवी, विजय नारायण, बीना देवी, रामा सिंह, सावित्री देवी, राजेश कुमार, प्रतिमा देवी, दयाशंकर तोमर, हेमा सिंह, विनय कुमार, कंचन देवी, अखिलेश सिंह, खुशबू सिंह, मिथिलेश कुमार, सुनीता देवी, रामनरायन गुप्ता, इंदू देवी सहित सैकड़ों स्त्री-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।




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