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कलेक्ट्रेट पहुंचे बीज व्यापारियों ने किया प्रदर्शन, साथी पोर्टल वापस लो के लगाए नारे

कलेक्ट्रेट पहुंचे बीज व्यापारियों ने किया प्रदर्शन, साथी पोर्टल वापस लो के लगाए नारे


मऊ। जिला कलेक्ट्रेट पहुँचे सैकड़ों की संख्या में बीज व्यापारी सेवा समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। साथ ही सांकेतिक बंदी कर शांति मार्च निकालते हुए विभिन्न मांगों को मानने की गुहार लगाई।

बीज व्यापार समिति के जिलाध्यक्ष दीनदयाल कुशवाहा ने बताया कि जो सेंट्रल से ipms पोर्टल है। जो कृषि दवाओं और बीज पर लगा है और साथी पोर्टल है। बहुत जटिल पोर्टल है। जो छोटे दुकानदार हैं चटी चौराहों पर दुकानदार हैं या जितने भी हैं इसे हैंडल नहीं कर पाएंगे। क्योंकि इसमें सारा कंप्यूटराइज व्यवस्था है। ज्यादातर सीड व्यवसाय में पेस्टीसाइड खाद व्यवसाय में अनपढ़ लोग हैं। जो परंपरागत और पुश्तैनी के रूप में इस धंधे को कर रहे हैं जिससे करना उन्हें कठिन है। ऐसे में काम करने के लिए हम लोग अगर अतिरिक्त कर्मचारी लगाएं तब भी काम नहीं कर पाएंगे। हम लोग चाहते हैं कि सरकार आईपीएमएस पोर्टल और साथी पोर्टल को सरकार वापस ले।

संगठन के महामंत्री यशवंत कुमार कुशवाहा ने बताया कि उर्वरक की भारी समस्या है सरकार का निर्देश है कि उर्वरक निर्धारित रेट पर दिया जाए  डीएपी निर्धारित मूल्य पर उपलब्ध हो हम भी पक्ष में हैं व्यापारी भी पक्ष में है। किसानों का सबसे सच्चा साथी है तो वह व्यापारी फुटकर विक्रेता ही है। जब हमें ही उर्वरक ओवर रेटिंग में मिल रहा है तो हम लोग किसानों को कैसे  उचित रेट पर दें विभाग तय करें।

जब व्यापारियों को ही उर्वरक 280 रुपए प्रति बोरी की दर पर 15 रुपए प्रति बोरी भाड़ा और 5 रुपए पलादारी  देना पड़ता है कुल मिलकर 300 रुपए खर्च पड़ रहा है। तब हम किसान को कैसे निर्धारित मूल पर उर्वरक दे पाएंगे। हम व्यापारियों का उत्पीड़न हो रहा है। 


साथ ही व्यापारियों ने कहा कि ओवर रेटिंग के साथ-साथ टैगिंग भी किया जाता है जिससे किसानों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

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