करहां क्षेत्र की अंजली व किशन ने लहराया परचम, पूर्वांचल विश्विद्यालय किया टॉप
करहां (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक के करहां परिक्षेत्र ने मऊ जनपद में एक बार फिर अपना परचम फहराया है। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर में सोमवार को आयोजित दीक्षांत समारोह में जनपद के करहां क्षेत्र के दो प्रतिभाशाली विद्यार्थियों किशन कुमार सिंह और अंजली सिंह ने स्वर्ण पदक प्राप्त कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का मान बढ़ाया है।
किशन कुमार सिंह पुत्र स्व. राकेश सिंह व अनीता सिंह, पौत्र ओमप्रकाश सिंह मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक स्थित ग्राम व पोस्ट राजापुर के निवासी हैं। उन्होंने एमएससी एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन में प्रथम प्रयास में प्रथम स्थान प्राप्त कर महामहिम राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से स्वर्ण पदक हासिल किया। किशन सिंह बीएएसएफ इंडिया लिमिटेड में विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं, जबकि दादा ओमप्रकाश सिंह शिक्षा क्षेत्र मुहम्मदाबाद गोहना के उच्च प्राथमिक विद्यालय मालव के प्रधानाध्यापक हैं।
किशन की छोटी बहन शृंखला सिंह ने एम.एस.डी.एस.यू. विश्वविद्यालय से एम.ए. की उपाधि प्राप्त की है, वहीं छोटे भाई करण सिंह वर्तमान में एवरेस्ट कांटो सिलेंडर लिमिटेड, गांधीधाम, गुजरात में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं।
किशन ने एसकेडी इंटर कॉलेज धनहुआं आजमगढ़ से हाईस्कूल में 87.33%, इंटर में 75%, बीएससी में 70% व एमएससी में 77% अंक प्राप्त किए हैं। वह आगे एएसआरबी नेट की तैयारी कर रहे हैं। उनका शौक पुस्तकें पढ़ना, संगीत सुनना व फुटबॉल खेलना है।
वहीं मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक के करहां क्षेत्रांतर्गत दपेहड़ी बड़ी, पोस्ट नगपुर निवासिनी किसान की बेटी अंजली सिंह, पुत्री कन्हैया सिंह व इंद्रा सिंह ने बीएससी बायोटेक सत्र 2024–25 में 85 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विश्वविद्यालय में गोल्ड मेडल अर्जित किया।
अंजली ने आठवी तक की पढ़ाई एम. शमीम मेमोरियल पब्लिक स्कूल माहपुर-करहां से और इंटर तक की पढ़ाई किंग्स ईडेन इंटरनेशनल स्कूल सदरपुर गालिबपुर, मुहम्मदाबाद गोहना से की है। उनके दादा सुदामा सिंह प्रतिष्ठित कृषक हैं। चार बहनों में अंजली दूसरी हैं। बड़ी बहन शिवांगी सिंह एमए, तीसरी दिशा सिंह बीए, दोनों संत गणीनाथ राजकीय पीजी कॉलेज, मुहम्मदाबाद गोहना से, जबकि सबसे छोटी सृष्टि सिंह एम. शमीम मेमोरियल पब्लिक स्कूल, माहपुर, करहां में कक्षा सातवीं की छात्रा हैं।
अंजली को पुस्तकें पढ़ने व क्रियाशील रहने का शौक है। वह आगे अपने विषय में परास्नातक की डिग्री लेकर शोध कार्य कर एसोसिएट प्रोफेसर बनने की आकांक्षा रखती हैं। किशन और अंजली दोनों की इस शानदार उपलब्धि से परिवार, विद्यालय और पूरे जनपद में गर्व और हर्ष की लहर दौड़ गई है। गांव-क्षेत्र के लोग बधाई देने पहुंच रहे हैं।








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