करहां की रामलीला के नहीं रहे राम, विजया दशमी पर हुआ अंतिम संस्कार
करहां (मऊ) : करहां की सुप्रसिद्ध रामलीला में लंबे समय तक भगवान श्रीराम की भूमिका निभाकर लोगों के दिलों में अमिट छाप छोड़ने वाले व बाजार के प्रतिष्ठित बर्तन व्यवसायी तथा ताम्रकार समाज के सम्मानित सदस्य दीना केशरी का असमय निधन हो गया। नवमी व विजयादशमी की अर्धरात्रि में आई यह दुखद खबर सुनते ही बाजार व आसपास के गांवों में शोक की लहर दौड़ गई।
बता दें कि विडंबना यह रही कि रामलीला मंच पर वर्षों तक विजयादशमी के दिन वे स्वयं भगवान श्रीराम का अभिनय कर रावण वध और पुतला दहन की रस्म निभाते थे, लेकिन इस बार उसी पावन दिन उनकी चिता को मुखाग्नि दी गई लोगों वे खुद चिता की राख में भस्मीभूत हो गए। हर आंखें नम थीं और हर कोई यही कह रहा था कि “रामलीला का राम आज सचमुच हमसे विदा हो गया।” हालांकि बाद के वर्षों में उन्होंने राजा दशरथ का भी बेहतरीन अभिनय किया। उनका लक्ष्मण शक्ति के दिन किया गया विलाप बहुत प्रसिद्ध था, जिसकी आज तक के रामलीला इतिहास में कोई बराबरी नहीं कर पाया। उनके विलाप को सुनने दूरदराज के गांवों के लोग आते थे और बरबस ही विलाप का भावुक दृश्य देख रोने लगते थे।
गौरतलब हो कि स्वर्गीय दीना केशरी अपने सादगीपूर्ण व्यवहार, सामाजिक सेवाभाव और मंच पर जीवंत अभिनय के लिए सदैव स्मरण किए जाएंगे। उनके निधन से न केवल रामलीला परिवार बल्कि समूचे क्षेत्र ने एक महान कलाकार और व्यवसायी को खो दिया है।
उनके निधन पर ग्राम प्रधान श्यामबिहारी जायसवाल, व्यापार मंडल व औषधि विक्रेता समिति करहां के अध्यक्ष विष्णुकांत श्रीवास्तव, डॉक्टर कुँवर अनुराग सिंह, मेघनाद बनने वाले रविंद्र सिंह, उनके साथ लक्ष्मण की बेहतरीन अदाकारी करने वाले हृदयनारायण पांडेय, भरत का भावपूर्ण अभिनय करने वाले केदार वर्मा, हनुमान बनने वाले रामचंद्र गुप्ता, प्रधानाध्यापक चंद्रशेखर मौर्य, लोकसभा लालगंज सांसद प्रतिनिधि, हरेंद्र प्रसाद सरोज, जिला पंचायत करहां के प्रत्याशी विक्की वर्मा, अमजद खां, जिला पंचायत सदस्य रवि पासी, डॉक्टर आफताब आलम गुड्डू, राहुल सिंह, अखिलेश वर्मा, सद्दाम हाशमी, सुरेश वर्मा, मिज्जू खां, रविंद्र यादव मटरू, रिजवान उल्लाह खां, भूपेंद्र पांडेय आदि सैकड़ों लोंगो ने दुख व्यक्त करते हुए नमन किया।


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