स्वामी ज्ञानानंद सरस्वती के पावन सानिध्य में हुई भागवत कथा की पूर्णाहुति
@पुण्यात्मा ही कर पाते हैं भागवत श्रवण : स्वामी ज्ञानानंद
@पूर्णाहुति व भंडारे में उमड़े श्रद्धालु
करहां (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना के बजरंगनगर हलीमाबाद में आयोजित सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत की पूर्णाहुति शुक्रवार को आध्यात्मिक वातावरण में हुआ। पूर्णाहुति के अवसर पर नगपुर गांव के गौरव, प्रख्यात शांकर संन्यासी परमहंस परिव्राजकाचार्य स्वामी ज्ञानानंद सरस्वतीजी महाराज पहुंचे। उनके आगमन से कथा पांडाल में भक्ति और उत्साह का वातावरण और भी प्रखर हो गया।
स्वामीजी ने अपने दिव्य आशीर्वचन में कहा कि भागवत कथा का श्रवण दुर्लभ है और यह तभी संभव होता है जब पूर्व जन्मों के शुभ कर्म और पूर्वजों की कृपा साथ होती है। उन्होंने मार्गशीर्ष माह में कथा पूर्णाहुति को अत्यंत शुभ बताते हुए हलीमाबाद की पावन भूमि और द्विवेदी परिवार के स्नेहिल आयोजन की सराहना की। कहा कि आपका अनुग्रह ही हमारे लिए अधिकारपूर्वक आदेश है।
स्वामी जी के स्वागत में डॉ. राकेश शास्त्री और हरिओम शरण महाराज ने उद्बोधन दिया। मुख्य यजमान राधेश्याम द्विवेदी ने अपने चारों भाइयों के साथ तिलक, माल्यार्पण और अंगवस्त्र अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम के अंत में हरिश्चंद्र दूबे ने आभार व्यक्त किया। कहा कि हम सभी अत्यन्त अनुग्रहित हैं कि आपका आगमन इस पुनीत अवसर पर हुआ और हमारे अनुरोध पर आपके श्रीचरण द्विवेदी सदन में पधारे। हम सभी स्नेही-स्वजन, कुटुंब, क्षेत्रीय गणमान्य आगत अतिथिगण आज धन्य हो गए।
इस अवसर पर डॉ. यूपी द्विवेदी, आचार्य अभिषेक पांडेय, उर्मिला देवी, रामबली यादव, रमेशचंद्र दूबे, अशीत कुमार पाठक, ज्ञानती गोंड़, संजयन त्रिपाठी, डॉ. गोपाल सिंह, अरुणा देवी, गौरव मिश्र, संजय पाठक, आयुष कुमार, राजीव कुमार द्विवेदी, प्रभात कुमार द्विवेदी, आलोक सोनकर, संध्या देवी, संजीव कुमार द्विवेदी, पुष्पा देवी सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी भक्तों ने पूर्णाहुति, महाआरती और भंडारे के महाप्रसाद का लाभ लेकर आध्यात्मिक सुख का अनुभव किया।




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