ध्रुव-पृथु चरित्र और भगवान ऋषभदेव की लीला की कथा से निहाल हुए श्रद्धालु
करहां (मऊ) : स्थानीय करहां गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में शुक्रवार को तृतीय दिवस पर कथावाचक पंडित नीरज पांडेय ने भगवान के विविध चरित्रों का मनोहर वर्णन किया। कथा की शुरुआत शुभ-चरित्र प्रसंग से हुई, जिसमें उन्होंने बताया कि गहन तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान ने भक्त शुभ को अपने दिव्य दर्शन दिए।
इसके बाद पंडित पांडेय ने पृथु चरित्र का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि पृथुमहाराज ने अपनी तपस्या और पराक्रम से धरती को उपजाऊ और समतल बनाया, तभी से यह पृथ्वी उनके नाम पर “पृथ्वी” कहलायी। इस प्रसंग पर श्रोतागण भावविभोर हो उठे। अंत में उन्होंने भगवान ऋषभदेव के त्यागमय जीवन की कथा सुनाई, जिसमें उन्होंने विषयासक्ति से मुक्त होकर लोक कल्याण का मार्ग दिखाया। कथा के दौरान भक्ति गीतों पर श्रद्धालु झूम उठे और ‘जय श्रीहरि’ के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
इस अवसर पर मुख्य यजमान मांडवी सिंह व रविन्द्र सिंह, रामधनी प्रजापति, शेषनाथ व गीता देवी, चंद्रप्रकाश पांडेय, विजय सिंह डबलू व विनीता सिंह, सैलाबी देवी, शिवांश तोमर व सोनाली सिंह, गोलू प्रजापति, सीमा सिंह व रवि प्रकाश, संदीप दास, सुनील कुमार व पूनम देवी सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।

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