भागवत कथा सिखाती है मोक्ष का मार्ग, रामकथा देती है जीवन का संदेश : कथाव्यास
करहां (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना तहसील क्षेत्र के हलीमाबाद व सद्धोपुर स्थित मंदिर प्रांगणों में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के क्रम में शुक्रवार को भागवत महात्म्य का विस्तृत वर्णन किया गया। कथाव्यास डॉ. राकेश शास्त्री एवं रवि किशन शास्त्री ने कहा कि अनेक जन्मों के संचित पुण्य और पूर्वजों के आशीर्वाद से ही भागवत कथा श्रवण का सौभाग्य मिलता है। उन्होंने कहा कि रामकथा मनुष्य को जीवन का पथ दिखाती है, जबकि भागवत कथा मृत्यु के रहस्य को सरल बनाकर मोक्ष की ओर ले जाने वाली दिव्य शिक्षा प्रदान करती है।
कथाव्यासों ने आगे धुंधकारी व गोकर्ण प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि दुराचरण में डूबा धुंधकारी प्रेत योनि में भटक रहा था। उसके उद्धार हेतु देवऋषि नारद ने गोकर्ण को उपाय बताया कि सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण ही उसे मुक्त कर सकता है। गोकर्ण द्वारा आयोजित सप्ताह भर की कथा के दौरान प्रतिदिन धुंधकारी के बंधन टूटते गए और कथा पूर्ण होते ही उसे मोक्ष का दिव्य विमान प्राप्त हुआ। यह प्रसंग भागवत कथा की अद्भुत महिमा का प्रमाण है कि हरि-कथा पापी से पापी जीव को भी मुक्त करने की सामर्थ्य रखती है।
कार्यक्रम में मुख्य यजमान संध्या राधेश्याम दूबे, सत्या मनीष सिंह तथा हरिश्चन्द्र दूबे, नरेंद्र सिंह, रामजी उपाध्याय, ऋषिकेश पांडेय, स्वामीनाथ यादव, डॉ. यू.पी. द्विवेदी, अमरनाथ मिश्र, आलोक सोनकर, विजय मौर्या, कंता यादव, रमेशचंद्र दूबे, पप्पू सोनकर, संजीव द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।





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