श्रीमद्भागवत कथा हेतु निकली कलश यात्रा
•आम्रपाली वैदिक शोध संस्थान में गीता जयंती पर शुरु हुई सप्ताह यज्ञ
•दुख, दारिद्र व दुर्भाग्य की नाशक है भागवत कथा : स्वामी ज्ञानानंद
करहां (मऊ) : आम्रपाली वैदिक शोध संस्थानम्, दूरदर्शन रोड बकवल में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिवस में भक्तिभाव से कलश यात्रा निकाली गई, जो संस्थान परिसर से चलकर पीताम्बर बाबा स्थान, पुलिस लाइन बकवल तक शोभायात्रा के रुप में पहुंची। कलश धारण की हुई महिलाओं-युवतियों की लंबी कतार, जय-जयकार और भजन-कीर्तन से पूरा मार्ग भक्तिमय रहा।
कथा के प्रथम दिवस पर देश के प्रख्यात शांकर सन्यासी परमहंस परिव्राजकाचार्य स्वामी ज्ञानानंद सरस्वतीजी महाराज ने श्रीमद्भागवत के दिव्य संदेशों को सरल और भावपूर्ण शब्दों में प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि भागवत कथा का संकल्प मात्र करने से ही परमात्मा की कृपा मनुष्य के अंतःकरण में प्रकट होने लगती है तथा उसके समस्त अशुभ-अशांत परिस्थितियों का स्वतः ही नाश होने लगता है।
श्रीमद्भागवत को उन्होंने दुख, दारिद्र और दुर्भाग्य नाशक दिव्य ग्रंथ बताया, जो जीव को आसुरी वृत्तियों से निकालकर सत्य और धर्म की ओर प्रेरित करता है। स्वामीजी ने कहा कि भागवत कथा सप्ताह जीवन को साधनामय बनाने वाला विलक्षण आध्यात्मिक रहस्य है। जिस प्रकार राजा परीक्षित के लिए आठवें दिन का संदेश महत्वपूर्ण था, उसी प्रकार सात दिवसीय भागवत श्रवण मनुष्य को मोक्षमार्ग की ओर अग्रसर करता है।
कार्यक्रम में यज्ञाचार्य डा. धनञ्जय पांडेय, सहयोगी आचार्यगणों अभिषेक तिवारी, एडवोकेट गौरव मिश्र, महेश मिश्र, शुभम तिवारी, विमल मिश्र, आयुष मिश्र, आशीष तिवारी, वैनतेय पांडेय, प्रियव्रत शुक्ल द्वारा मुख्य यजमान उर्मिला सिंह द्वारा विधिवत पूजन-अर्चन कराया गया। इस अवसर पर पंडित हरिओम शरण महाराज, रामविजय सिंह, श्याम चौबे, धीरेंद्र सिंह, अंकित कुमार, ओम कुमार, कृष्ण कुमार, प्रज्ञा सिंह, नेहा सिंह, प्रीति सिंह, कालिन्दी देवी, डाक्टर रामशब्द सिंह सहित अनेक भक्तजन उपस्थित रहे।







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