जाति प्रमाण पत्र की मांग पर गोंड समाज का धरना स्थगित
आठ दिन में कार्रवाई न होने पर फिर आंदोलन की चेतावनी
करहां (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना तहसील परिसर में गोंड जाति के छात्र-छात्राओं व अभिभावकों द्वारा जाति प्रमाण पत्र जारी किए जाने की मांग को लेकर चल रहा धरना-प्रदर्शन प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद रविवार को स्थगित कर दिया गया। यह धरना उस समय स्थगित किया गया जब जिलाधिकारी की अध्यक्षता में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई।
धरनास्थल पर पहुंचे जिलाधिकारी प्रवीण कुमार मिश्र, पुलिस अधीक्षक इलामारन जी व मुख्य राजस्व अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गोंड समाज के प्रतिनिधियों से वार्ता की। बैठक में पुलिस अधीक्षक, सीआरओ, क्षेत्राधिकारी, उपजिलाधिकारी, तहसीलदार के साथ गोंड समाज के पांच छात्र-छात्राएं एवं दो अभिभावक उपस्थित रहे। गोंड समाज की ओर से जाति प्रमाण पत्र जारी करने में हो रही देरी और लंबित मामलों की समस्या को प्रमुखता से रखा गया।
बैठक में प्रशासन ने आश्वासन दिया कि ‘देवरिया मॉडल’ के अनुरुप शासनादेश का पालन करते हुए गोंड जाति के पात्र लोगों को जाति प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। इसके लिए आठ दिनों के भीतर सभी मामलों की निष्पक्ष जांच पूरी कर प्रमाण पत्र निर्गत करने का निर्णय लिया गया। जांच की जिम्मेदारी लेखपालों को सौंपी गई है, जो संबंधित गांवों के निर्विवादित गोंड परिवारों से सत्यापन कर रिपोर्ट तैयार करेंगे, ताकि किसी भी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।
प्रशासन के लिखित व मौखिक आश्वासन के बाद गोंड समाज के लोगों ने 18 जनवरी को धरना स्थगित कर दिया। हालांकि समाज के लोगों का कहना है कि यदि निर्धारित आठ दिनों की समयसीमा में जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए, तो वे पुनः आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे। इस संबंध में गोंड समाज के अभिभावकों की ओर से जिलाधिकारी को पत्र देकर 27 जनवरी 2026 को तहसील परिसर में शांतिपूर्ण धरना देने की अनुमति मांगी गई है।
गोंड समाज ने स्पष्ट किया है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन जब तक पात्र लोगों को जाति प्रमाण पत्र नहीं मिल जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। अब सभी की निगाहें प्रशासन द्वारा तय समयसीमा में की जाने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।




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