कलश यात्रा के साथ शुरु हुई नौ दिवसीय श्रीराम कथा व रासलीला महोत्सव
श्रीराम कथा से दूर होती है जीवन की व्यथा : बाल व्यास सम्पूर्णानंद महाराज
करहां, मऊ। मऊ-आजमगढ़ फोरलेन के किनारे बरहदपुर गांव स्थित प्राचीन शिव मंदिर व किशुनदास कुटी पर शनिवार से नौ दिवसीय श्रीराम कथा एवं रासलीला महोत्सव का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। दोपहर लगभग 12 बजे निकली कलश यात्रा में 211 कुंवारी कन्याएं सिर पर कलश रखकर नंगे पांव शामिल हुईं। यात्रा का जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। गाजे-बाजे, हाथी-घोड़े और सुसज्जित रथ यात्रा की शोभा बढ़ा रहे थे।
कलश यात्रा को भाजपा नेत्री पूनम सरोज व हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. उमेश सरोज ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यात्रा मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर बरहदपुर शिवालय से बनियापार जलाशय व मुख्य मार्ग होते हुए पुनः बाबा किशुनदास कुटी पहुंचकर संपन्न हुई। मंदिर परिसर में गायत्री परिवार के महाराज हरिवंश जी के नेतृत्व में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन-पूजन कराया गया तथा पंचकुंडी गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ हुआ।
सायंकाल कथा के शुभारंभ अवसर पर बाल व्यास सम्पूर्णानंद महाराज ने कहा कि श्रीराम कथा भवसागर से पार उतरने की सुदृढ़ नौका है। श्रद्धा और भाव से कथा श्रवण करने वाला व्यक्ति जीवन के दुख, मोह और क्लेश से सहज ही मुक्त हो जाता है। उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा जीवन को मर्यादा, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
प्रथम दिवस की कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे क्षेत्र में रामनाम और भक्ति का वातावरण बना रहा। आयोजकों के अनुसार यह आयोजन क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति के लिए समर्पित है। इस अवसर पर रामज्ञानी दास महाराज, धर्मराज शास्त्री, लक्ष्मी गुप्ता, संतोष कुमार सिंह, श्याम चौबे, मनोज कुमार सहित सैकड़ों स्त्री-पुरुष श्रद्धालु मौजूद रहे।


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