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राम वनगमन का प्रसंग सुन नम हुई श्रद्धालुओं की आंखे

राम वनगमन का प्रसंग सुन नम हुई श्रद्धालुओं की आंखे

करहां (मऊ) : करहां परिक्षेत्र के दुर्गा मंदिर तिलसवां की शतचंडी महायज्ञ में चल रही श्रीराम कथा के पांचवें दिन गुरुवार को आयोजित श्रीराम कथा में कथाव्यास कौशिक महाराज ने भगवान श्रीराम के वनगमन प्रसंग का मार्मिक वर्णन करते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। राम के त्याग, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा का वर्णन सुनकर पंडाल में बैठे श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।

उन्होंने केवट प्रसंग का भी सुंदर चित्रण किया और बताया कि प्रभु श्रीराम ने वनवास के दौरान समाज के हर वर्ग वनवासी, निषाद, वानर और सामान्य जन को सम्मान दिया। कहा कि राम कथा हमें सामाजिक समरसता, प्रेम और परस्पर सम्मान का संदेश देती है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से आह्वान किया कि हम सभी समाज की भलाई और राष्ट्र की उन्नति के लिए एकजुट होकर कार्य करें। भगवान श्रीराम ने त्रेता युग में सभी को साथ लेकर आदर्श रामराज्य की स्थापना की थी, उसी आदर्श को जीवन में उतारने की आवश्यकता है।

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