मृत नंदी की गाजे-बाजे के साथ निकाली गई शवयात्रा
•श्रद्धापूर्वक अंतिम संस्कार कर लगाए गए पौधे
•महाशिवरात्रि के अगले दिन सोमवार को किया जाएगा भंडारा
करहां (मऊ) : स्थानीय बाजार एवं गांव में पिछले 21 वर्षों से भ्रमण कर रहे बेहद सज्जन एवं शांत स्वभाव वाले वृद्ध नंदी का सोमवार भोर में निधन हो गया। पूर्वाह्न उनका विधि-विधान पूर्वक गाजे-बाजे के साथ शवयात्रा निकाल अंतिम संस्कार करके पौधरोपण किया गया। महाशिवरात्रि के अगले दिन सोमवार को उनके निमित्त भंडारा आयोजित किया जाएगा।
क्षेत्र के लोंगो में बेहद लोकप्रिय रहे वृद्ध नंदी के देहावसान की खबर सुन सैकड़ों लोग एकत्रित हो गए। सबने मिलकर विधि-विधान से कफन ओढ़ाकर, पूजन-अर्चन कर गाजे-बाजे के साथ जेसीबी से उनकी शवयात्रा निकाली। यह शवयात्रा बाबा बहाल दास इंटर कालेज से शुरु होकर स्थानीय बाजार के शिव मंदिर पहंची। यहां घड़ी-घंट व शंखध्वनि के बीच धूप-दीप, फूल-माला अर्पित कर शवयात्रा रसूलपुर स्थित नाले पर पहुंची जहां पंडित अनिरुद्ध पांडेय व अरुण त्रिपाठी के मंत्रोचारण के मध्य अंतिम संस्कार किया गया। राम-नाम सत्य है, नंदी भगवान की जय, शंकर भगवान की जय एवं हर-हर महादेव के जयकारों से क्षेत्र गूंज उठा।
क्षेत्रवासी धर्मावती देवी, साधु विजयदास व व्यापार मंडल के अध्यक्ष विष्णुकांत श्रीवास्तव ने बताया कि 21 वर्ष पहले उक्त नंदी बछड़े के रुप में यहां आए थे। तबसे लेकर अबतक बाजार व गांव के चुनिंदा घरों में घूमकर खाते-पीते रहे। जो इन्हें कुछ खाने को नहीं देता वहां खड़ा भी नहीं होते थे। बताया कि 21 वर्ष के लंबे समय में किसी व्यक्ति व फसल को नुकसान नहीं पहुंचाए। उनका स्वभाव देवता समान था। 19 दिन पहले धर्मा बेकरी के सामने धराशायी हो गए। तबसे इनका उपचार किया जा रहा था। भगवान भोलेनाथ के परम प्रिय दिवस सोमवार को इनका स्वर्गवास हो गया। इनका अंतिम भंडारा भी सोमवार को रखा गया है।
अंतिम शवयात्रा व संस्कार में प्रमुख रुप से प्रधान प्रतिनिधि श्यामबिहारी जायसवाल, संतोष तोमर, राहुल मौर्य, शकुंतला देवी, धीरज कुमार, सुनील कुमार, सर्वेश तिवारी, दयाप्रकाश तोमर, लालजी कन्नौजिया, प्रेम सैनी, अजीत मौर्य, विनोद यादव, निगम सिंह सहित सैकड़ों स्त्री-पुरुष उपस्थित रहे।



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