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छह बरस की मासूम एनाया ने रखा रमज़ान का पहला रोज़ा, रोज़ा ख़ुशाई पर गूँजी मुबारकबाद

छह बरस की मासूम एनाया ने रखा रमज़ान का पहला रोज़ा, रोज़ा ख़ुशाई पर गूँजी मुबारकबाद


करहां (मऊ)। मुक़द्दस माहे रमज़ान की रूहानी फिज़ाओं में इस बार एक मासूम आवाज़ भी शामिल हो गई। नगर पंचायत वलीदपुर के मोहल्ला क़ाज़ी टोला की छह वर्षीय नन्हीं परी एनाया अब्बासी ने अपना पहला रोज़ा पूरी अकीदत, सब्र और सलीके के साथ मुकम्मल कर एक खूबसूरत मिसाल पेश की।

सुबह की सहरी से लेकर शाम की इफ़्तार तक, नन्हें होंठों पर शिकवा नहीं, बल्कि शुक्र का तराना था। दिन भर इबादत की रौशनी में डूबी एनाया ने यह साबित कर दिया कि इरादे उम्र के मोहताज नहीं होते। जैसे ही मग़रिब की अज़ान गूँजी और रोज़ा खुला, घर का हर कोना खुशियों और दुआओं से महक उठा।

इस ख़ास मौके पर उनके आवास पर रोज़ा ख़ुशाई का आयोजन हुआ। एनाया, वसी अहमद (पूर्व प्रधान, वलीदपुर) की सुपुत्री हैं। परिजनों ने बताया कि बच्ची ने पूरे उत्साह के साथ रोज़ा रखा और नमाज़ व इबादत में भी हिस्सा लिया। कार्यक्रम में आर्शी अब्बासी, राज़ी अब्बासी, सफ़ी अब्बासी, शारिक़, साक़िब और सैयद मसूद समेत परिजन व शुभचिंतक मौजूद रहे। सभी ने नन्हीं रोज़ेदार को दुआओं से नवाज़ा और उसके उज्ज्वल भविष्य, सेहत और कामयाबी की कामना की।

रमज़ान की इस पावन घड़ी में एनाया की मासूम मुस्कान मानो यह पैग़ाम दे रही थी- "जब नीयत साफ़ हो और दिल में यक़ीन हो, तो छोटी सी उम्र भी बड़ी इबादत बन जाती है।”


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