पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का 267 से 278 किमी क्षेत्र बना दुर्घटना ज़ोन
•आएदिन हो रही दुर्घटनाओं से दहशत, कारणों की खोज आवश्यक
•अत्यधिक मोड़, टूटी फैंसिंग, टायर फटना, झपकी, तेज रफ्तार बनी जानलेवा
करहां (मऊ) : देश की राजधानी दिल्ली व प्रदेश की राजधानी लखनऊ को पूर्वांचल और बिहार से जोड़ने वाला पूर्वांचल एक्सप्रेसवे मऊ जनपद में 28 किमी तक गुजरता है, लेकिन मुहम्मदाबाद गोहना व रानीपुर थाना क्षेत्र व करहां परिक्षेत्र से होकर गुजरने वाले 267 से 278 किमी के बीच का हिस्सा लगातार हादसों के कारण ‘एक्सिडेंटल ज़ोन’ बनता जा रहा है। पिछले एक-दो वर्षों में इसी दायरे में लगातार दर्जनों दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कई लोगों की जान गई और अनेक घायल हुए। टायर फटना, खड़े वाहनों में टक्कर, सीधी भिड़ंत, वाहन पलटना, टूटी फैंसिंग, पशुओं व जानवरों का चढ़ना, तेज रौशनी व सूरज की किरणें आंखों में पड़ने, झपकी आने से अनियंत्रण और आग लगने जैसी घटनाएं आम हो गई हैं। इन लगातार बढ़ती दुर्घटनाओं ने यह संकेत दे दिया है कि मऊ में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के इस हिस्से पर विशेष सुरक्षा आडिट और ठोस सुधारात्मक कदम उठाना समय की मांग बन चुका है। प्रस्तुत है अजीत एक्सप्रेस करहां के तारकेश्वर सिंह की खास रिपोर्ट..
--------------------------------------–--------------------प्रमुख घटनाएं...
•केस नंबर-1.. 6 मार्च, 269.2 किमी खड़े ट्रेलर में पीछे से दूसरे ट्रेलर की टक्कर, एक व्यक्ति की मौके पर मौत, चालक गंभीर रुप से घायल।
•केस नंबर-2.. 14 मार्च, 272 किमी के पास, केमिकल लदे पिकअप का टायर फटा, चार युवकों की मौत।
•केस नंबर- 3.. 19 मार्च, 271.5 किमी, टायर फटने से पिकअप पलटी, अवैध शराब बरामद।
•केस नंबर-4.. 2 अप्रैल, 272.6 किमी, प्लाई लदा ट्रक डिवाइडर से टकराकर आग का गोला बना, चालक-खलासी बाल-बाल बचे।
•केस नंबर-5.. 5 अप्रैल, 265 किमी सुरहुरपुर): एसयूवी का टायर फटने से वाहन पलटा, एक युवक की मौत।
•केस नंबर- 6.. 25 अप्रैल, 272 किमी करहां, दो ट्रेलरों की भिड़ंत, खलासी की मौत, चालक घायल।
•केस नंबर- 7.. 28 अप्रैल, 270 किमी, बालू लदा ट्रेलर रेलिंग तोड़कर नीचे गिरा, इंजन में आग लगी।
•केस नंबर- 8.. 20 नवम्बर, 273.3 किमी सर्विस रोड, अनियंत्रित कार खंभा तोड़कर गड्ढे में गिरी, युवक मृत।
•केस नंबर- 9.. 26 सितम्बर, सर्विस रोड शमशाबाद, बाइक व ठेले की टक्कर, किसान की मौत।
•केस नंबर-10.. 12 जनवरी, 268 किमी जमुई, एक ही दिन में दो अलग-अलग समय पर हादसे, कई घायल।
•केस नंबर-11.. 4 व 5 मार्च.. 275 व 276 किमी.. आलू लाद ट्रक पलटा व थार व बाइक की टक्कर में बाइक सवार की मौत..
इसके अलावा 267 से 278 किमी के बीच एक्सप्रेसवे व सर्विस रोड पर गोवंश लदे वाहनों के पलटने और अन्य कई छोटी-बड़ी दुर्घटनाओं की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
---------------------------------------–----------–-------स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया..
•अधिग्रहण में पैसा बचाने के लिए घुमावदार सरकारी ताल में एक्सप्रेसवे बनाना लगातार हो रहे हादसे का कारण बन रहा है। इस क्षेत्र में गति सीमा कम करके निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए।
-रविभूषण प्रताप सिंह, शमशाबादसुरहुरपुर-बरडीहा के बीच एक्सप्रेसवे का दक्षिण, करहां-भांटी के बीच पूरब, शमशाबाद-याकूबपुर के बीच पुनः दक्षिण व भुसुवा-रानीपुर के बीच पुनः पूरब घूमना दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण है।
-रामदरश यादव, सुरहुरपुर•एक्सप्रेसवे पर टायर फटने व खड़े वाहनों में टक्कर की घटनाएं ज्यादा हुई है। इसकी सुरक्षा जांच होनी चाहिए। पेट्रोलिंग और एंबुलेंस की संख्या भी बढ़ानी चाहिए।
-अखंड प्रताप, शमशाबाद•भुसुवा रानीपुर के बीच एसप्रेसवे का रुख पूरब होने पर सुबह-सुबह सूर्य की किरणें आंखों पर पड़ना एक कारण हो सकता है। आते-जाते वाहनों की आंखों पर तेज रौशनी व भोर व सुबह की झपकी भी इसका एक कारण हो सकती है।
-आशीष चौधरी, नगपुर•इस घुमावदार क्षेत्र में गति सीमा कम करके रंबल पट्टीयां व संकेतक लगाए जांय। 267 से 278 किमी के बीच ब्लैक स्पाट की पहचान कर तकनीकी सर्वे कराया जाए।
-रवि पासी, शमशाबाद•267 पर पेट्रोल पंप तथा 268-69 के बीच रेस्ट रुम व जलपान गृह पर अचानक रुकने वाली व किनारे खड़ी गाड़िया भी दुर्घटनाओं की कारण बनी हैं। बार-बार की दुर्घटनाएं एक्सप्रेसवे की डिजाइन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं, उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
-विक्की वर्मा, करहां•प्रायः इस क्षेत्र में एक्सप्रेसवे ताल व चारागाह क्षेत्र से गुजरा है। टूटी फैंसिंग के कारण बेसहारा पशु व कुछ जानवर आज भी सड़क पर चले जाते हैं, जो अचानक हादसे की वजह बनते हैं।










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