असत्य व अधर्म पर सत्य व धर्म की होती है विजय : किशोरी शरण महाराज
करहां (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना तहसील क्षेत्र के खुरहट में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा का बुधवार को श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में विश्राम हो गया। इसके उपरांत भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
इसके पूर्व कथावाचक किशोरी शरण महाराज ने राम-रावण युद्ध का प्रेरणादायक प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि जब अधर्म और अहंकार अपने चरम पर पहुंच जाता है, तब धर्म की स्थापना के लिए स्वयं भगवान को अवतार लेना पड़ता है। श्रीराम ने अपने आदर्श, मर्यादा और धैर्य के बल पर रावण जैसे बलशाली लेकिन अहंकारी राजा का अंत कर यह सिद्ध किया कि सत्य की राह भले कठिन हो, पर उसकी विजय निश्चित होती है।
उन्होंने अयोध्या लौटकर श्रीराम के राज्याभिषेक का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि जैसे ही श्रीराम ने राजगद्दी संभाली, पूरे राज्य में सुख, शांति और समृद्धि का वातावरण स्थापित हो गया। राम राज्य बैठे त्रैलोका, हर्षित भए गए सब शोका। यह केवल एक राज्य की नहीं, बल्कि आदर्श शासन और धर्म आधारित जीवन की परिकल्पना है, जहां हर व्यक्ति सुरक्षित और संतुष्ट रहता है। कथावाचक ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संदेश दिया कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाइयाँ आएं, सत्य और धर्म का मार्ग कभी नहीं छोड़ना चाहिए। अधर्म कुछ समय के लिए प्रभावी दिख सकता है, लेकिन उसका अंत निश्चित है।
समापन अवसर पर आयोजक मंडल की ओर से मुख एवं दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित कुमार उपाध्याय ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों और व्यवस्था में जुटे लोगों के प्रति आभार प्रकट किया। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, आस्था और सामाजिक एकता का अनुपम संगम देखने को मिला।


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