इफ्तार की रौनक में झलका मोहब्बत का पैगाम, रोजेदारों की दुआओं से महकी पूरी शाम
करहां (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक के अतरारी गांव की उस शाम का हर लम्हा जैसे इबादत में डूबा हुआ था। डूबते सूरज की लाली के साथ जब इफ्तार का वक्त करीब आया, तो अल्फिया ट्रेडर्स और सदफ ट्रेडर्स के साये में सजा यह महफिल-ए-इफ्तार, मोहब्बत और भाईचारे की एक खूबसूरत तस्वीर बन गई। रोजेदारों का ऐसा सैलाब उमड़ा कि हर चेहरा रौशन था, हर दिल में सुकून था। खजूर की मिठास और पानी की सादगी के साथ रोजा खोला गया, और फिर नमाज-ए-मगरिब में झुके सिरों ने एक साथ दुआ की।
“या अल्लाह, हमारे मुल्क में अमन रहे, चैन रहे, और हर दिल में मोहब्बत बसे।” वो मंज़र भी क्या खूब था, जब अलग-अलग तबकों के लोग एक ही सफ में बैठकर इफ्तार कर रहे थे। न कोई भेद, न कोई दूरी, बस इंसानियत की खुशबू चारों ओर फैली थी। महफिल में मौजूद गणमान्य हस्तियों की मौजूदगी ने इस आयोजन की रौनक और बढ़ा दी। हर किसी की जुबान पर बस यही बात थी कि ऐसे आयोजन दिलों को जोड़ते हैं, रिश्तों को मजबूत करते हैं।
अल्फिया ट्रेडर्स के प्रोप्राइटर अनवार अहमद ने भी दिल से कहा- “ये महफिलें सिर्फ इफ्तार नहीं, बल्कि मोहब्बत का पैगाम हैं। हम कोशिश करेंगे कि ये सिलसिला यूं ही चलता रहे।” और सच ही तो है- जहां दुआओं में असर हो, और दिलों में प्यार, वहीं बसता है असल मायनों में त्योहार।।


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