रंगों का पर्व हो सुरक्षित इसलिए प्राकृतिक रंगों से ही खेलें होली : डॉ. संतोष कुमार यादव
करहां (मऊ)। फागुन की मस्ती और रंगों की उमंग के बीच स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से सजगता बरतने की अपील की है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मुहम्मदाबाद गोहना के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संतोष कुमार यादव ने कहा कि होली का उत्सव तभी सच्चे अर्थों में सुखद होगा, जब वह सुरक्षित भी हो।
उन्होंने बताया कि बाजारों में उपलब्ध अनेक रंग रासायनिक तत्वों से बने होते हैं, जिनमें मिलाए गए हानिकारक केमिकल त्वचा, आंखों और श्वसन तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। ऐसे रंगों से एलर्जी, खुजली, आंखों में जलन तथा अन्य स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होने की आशंका बनी रहती है। डॉ. यादव ने लोगों से आग्रह किया कि वे होली को प्राकृतिक रंगों और पारंपरिक अबीर-गुलाल के साथ मनाएं। सूखी होली को प्राथमिकता देने से न केवल पर्यावरण की रक्षा होगी, बल्कि शरीर भी अनचाहे दुष्प्रभावों से सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कि उत्सव की असली खूबसूरती रंगों की अधिकता में नहीं, बल्कि आपसी प्रेम और सौहार्द में है।
वरिष्ठ चिकित्सक ने यह भी सलाह दी कि यदि किसी को रंग लगने के बाद एलर्जी, खुजली, बुखार, खांसी या जुकाम जैसी समस्या महसूस हो तो लापरवाही न बरतें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क कर चिकित्सकीय परामर्श लें। स्वास्थ्य विभाग ने सभी नागरिकों से आह्वान किया है कि होली को संयम, सतर्कता और सकारात्मकता के साथ मनाएं, ताकि यह रंगोत्सव सभी के लिए सुरक्षित, स्वस्थ और आनंदमय बन सके।

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