मऊ में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे बना हादसों का हाटस्पाट्स
•छह दिन में चार दुर्घटनाएं, 11 घायल, दो की मौत
•मुहम्मदाबाद गोहना व रानीपुर थाना क्षेत्रों में लगातार हो रहे हादसे
•एक्सप्रेसवे की संरचना व सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
करहां (मऊ) : पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का मऊ जनपद से गुजरने वाला 28 किलोमीटर का हिस्सा इन दिनों लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं के कारण चिंता का विषय बनता जा रहा है। बीते छह दिनों में मुहम्मदाबाद गोहना व रानीपुर थाना क्षेत्रों में चार बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 लोग घायल हुए हैं। लगातार हो रही घटनाओं के चलते स्थानीय लोगों व यात्रियों में भय का माहौल है और एक्सप्रेसवे की संरचना तथा सुरक्षा प्रबंधन पर सवाल उठने लगे हैं।
सोमवार को सायंकाल मुहम्मदाबाद गोहना व रानीपुर थाना क्षेत्र की सीमा के करीब 271 किमी प्वाइंट पर अयोध्या से बक्सर जा रही एक स्कार्पियो कार अचानक स्टेयरिंग फेल होने से पलट गई। इस हादसे में बिहार के बक्सर जिले के छोटका राजपुताना गांव निवासी 40 वर्षीय सुनीता देवी की मौत हो गई, जबकि चालक समेत सात लोग घायल हो गए। सभी लोग दर्शन-पूजन कर अयोध्या से लौट रहे थे। घायलों को आजमगढ़ मंडलीय अस्पताल भेजा गया, जहां एक की हालत गंभीर बताई गई।
इसके पहले 5 मार्च गुरुवार तड़के रानीपुर थाना क्षेत्र के भुसुवा गांव के पास किलोमीटर संख्या 276.4 पर तेज रफ्तार थार और मोटरसाइकिल की आमने-सामने भिड़ंत में एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान बलिया के नरहीं थानांतर्गत भरौली निवासी 25 वर्षीय सोनू वर्मा के रुप मे हुई। इसी क्षेत्र में 4 मार्च बुधवार सुबह किलोमीटर 275.6 पर आलू लदा ट्रक चालक को झपकी आने के कारण अनियंत्रित होकर रेलिंग तोड़ते हुए करीब 15 फीट नीचे जा गिरा। हालांकि इस हादसे में चालक और परिचालक घायल हो गए। ग्रामीणों की मदद से दोनों को ट्रक से बाहर निकाला गया।
8 मार्च रविवार को रानीपुर थाना क्षेत्र में किलोमीटर 279.1 के पास मुजफ्फरनगर से गिट्टी लादकर बिहार जा रहा ट्रक टायर फटने के कारण अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरा। इस घटना में भी चालक और परिचालक सुरक्षित बच गए, उन्हें मामूली चोटें आईं। हालांकि ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। लगातार हो रही दुर्घटनाओं से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का यह हिस्सा हादसों का हाटस्पाट बनता जा रहा है।
क्षेत्रवासी रवि सिंह, प्रदीप तिवारी, रामजीत यादव, रवि पासी, विक्की वर्मा, जयप्रकाश यादव, हरिनारारायन सिंह, मुकेश चौहान, एखलाक अहमद आदि का कहना है कि एक्सप्रेसवे के 266 से 277 किलोमीटर क्षेत्र में मोड़, ढलान और सुरक्षा व्यवस्था की तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए, ताकि दुर्घटनाओं के वास्तविक कारणों का पता चल सके। इन लोंगो का मानना है कि तकनीकी सर्वेक्षण कर संरचनात्मक खामियों को दूर करना और यातायात सुरक्षा उपायों को मजबूत करना जरुरी है, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।









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