संघर्ष से सफलता तक, रानू सिंह की कहानी बनी प्रेरणा
•पति की हत्या के बाद भी नहीं टूटी हिम्मत, जीता ब्लाक प्रमुख का चुनाव
•संघर्षों के बीच बेटी उन्नति सिंह को बनाया नेशनल चैंपियन
करहां (मऊ) : जीवन में विपरीत परिस्थितियों के सामने हार मानने के बजाय साहस और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने का उदाहरण मुहम्मदाबाद गोहना की वर्तमान ब्लाक प्रमुख रानू सिंह ने पेश किया है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उनका संघर्ष और उपलब्धियां क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरती हैं।
रानू सिंह के जीवन में वह दौर भी आया, जब उनके पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख पति अजीत सिंह की 6 जनवरी 2021 को नृशंस हत्या हो गई। इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। इसके बाद ससुर राधेप्रसाद सिंह और देवर सुजीत का असमय निधन भी परिवार के लिए बड़ा आघात साबित हुआ। इन लगातार आई विपत्तियों के बीच परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। बच्चों की परवरिश, उनकी पढ़ाई-लिखाई और घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ उन्हें सामाजिक और राजनीतिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा।
इस कठिन दौर में उन्हें पुलिस और कोर्ट-कचहरी के चक्कर भी लगाने पड़े। मानसिक तनाव के कारण एक समय ऐसा भी आया जब वे अवसाद में चली गईं और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और फिर से खुद को संभालते हुए पूरे आत्मविश्वास के साथ सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हो गईं। अपने इसी जज्बे के दम पर रानू सिंह ने ब्लाक प्रमुख का चुनाव ऐतिहासिक मतों से जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। वर्तमान में वे मुहम्मदाबाद गोहना की ब्लाक प्रमुख होने के साथ ही मऊ जिले में भाजपा की महिला मोर्चे की उपाध्यक्ष भी हैं।
संघर्षों के बीच उन्होंने अपने तीनों बच्चों (दो बेटा व एक बेटी) की शिक्षा और भविष्य पर विशेष ध्यान दिया। उनकी बेटी उन्नति सिंह आज राजस्थान के कोटा में पढ़ाई के साथ बास्केटबॉल में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में चैंपियन बनकर क्षेत्र का नाम रोशन कर चुकी हैं। रानू सिंह की यह यात्रा बताती है कि साहस, धैर्य और मेहनत के बल पर जीवन की सबसे कठिन परिस्थितियों को भी अवसर में बदला जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उनके संघर्ष और उपलब्धियों को क्षेत्र के लोग सलाम कर रहे हैं।



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