विद्यालय प्रबंध समिति की भूमिका बैठकों तक नहीं, बल्कि स्कूल की दशा-दिशा सुधारना भी जिम्मेदारी : ओ.पी. त्रिपाठी
करहां (मऊ) : शिक्षा क्षेत्र मुहम्मदाबाद गोहना के समस्त परिषदीय प्राथमिक, कंपोजिट एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्षों, सचिवों एवं प्रधानाध्यापकों की एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन बरामदपुर स्थित पब्लिक सहर महिला डिग्री कालेज में मंगलवार को किया गया। इसमें विद्यालय के विकास व रखरखाव में प्रबंध समिति की भूमिका पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सामूहिक प्रार्थना से हुआ। इसके बाद एआरपी पवन कुमार गुप्ता ने विद्यालय प्रबंध समिति के उद्देश्यों एवं दायित्वों के बारे में चर्चा की। मुख्य वक्ता के रुप में खंड शिक्षा अधिकारी ओमप्रकाश त्रिपाठी ने उपस्थित प्रधानाध्यापकों एवं समिति के अध्यक्षों-सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि विद्यालय प्रबंध समिति की जिम्मेदारी केवल बैठकों में भाग लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यालय की दशा और दिशा को बेहतर बनाना भी उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। कहा कि चूंकि समिति के सदस्यों के अपने बच्चे भी विद्यालय में पढ़ते हैं, इसलिए उनकी जवाबदेही और बढ़ जाती है। उन्होंने सभी से अपील की कि नए शैक्षणिक सत्र के मद्देनजर घर-घर संपर्क कर अधिक से अधिक नामांकन सुनिश्चित करें और इस बात का विशेष ध्यान रखें कि कोई भी बच्चा ड्रापआउट न हो। 1 अप्रैल से शुरु होने वाले नए सत्र को देखते हुए यह समय नामांकन बढ़ाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस क्रम में एआरपी राकेश कुमार यादव ने प्रधानाध्यापकों से आह्वान किया कि गत वर्ष की तुलना में इस बार अधिक नामांकन कर ब्लाक की छवि जनपद स्तर पर बेहतर बनाएं। वहीं एआरपी अरविंद कुमार ने भी सभी को नए सत्र की शुभकामनाएं देते हुए नामांकन अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। कार्यशाला का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया। इस अवसर पर शशि भूषण राय, राजेश कुमार, बंसराज प्रसाद, धनंजय सिंह, अरविंद चौहान, राजेश मिश्रा, स्वतंत्र कुमार श्रीवास्तव, सुनील कुमार यादव, प्रमोद यादव सहित कई प्रधानाध्यापक एवं एसएमसी अध्यक्ष परमानंद प्रसाद, कुलबुल राजभर, वीरेंद्र प्रजापति, नसीम अख्तर, सुलोचना देवी, रेनू यादव आदि उपस्थित थीं।




Post a Comment