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ईश्वर की शरणागति से होती है मोक्ष की प्राप्ति : आचार्य शुभम

ईश्वर की शरणागति से होती है मोक्ष की प्राप्ति : आचार्य शुभम

करहां (मऊ) : करहां परिक्षेत्र के महमूदपुर-नगपुर में चल रहे श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के तृतीय दिवस पर कथावाचक शुभम आचार्य के श्रीमुख से अमृतमयी कथा का रसपान कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। उन्होंने बताया कि भगवान ही सृष्टि के कर्ता हैं और उनके अवतार मानवता के कल्याण के लिए होते हैं। उन्होंने बताया कि भक्ति, ज्ञान और वैराग्य से ही जीवन सफल होता है तथा ईश्वर की शरण में जाने से ही मनुष्य को सच्ची शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

कथावाचक ने सृष्टि की उत्पत्ति का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि भगवान की माया से इस सृष्टि की रचना हुई और ब्रह्माजी को सृजन का दायित्व प्राप्त हुआ। साथ ही भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों मत्स्य, कूर्म, वराह एवं नरसिंह का भावपूर्ण वर्णन करते हुए उनके द्वारा धर्म की रक्षा और अधर्म के विनाश की महत्ता को समझाया। कथा के दौरान कपिल भगवान के उपदेश का भी उल्लेख किया गया, जिसमें उन्होंने माता देवहूति को भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का महत्व बताया। कथावाचक ने कहा कि सच्ची भक्ति ही मनुष्य को मोक्ष के मार्ग पर अग्रसर करती है।

इस अवसर पर मुख्य यजमान रामपत सरोज व बसंती देवी, विमल मिश्र, किशुन चौहान, आशीष तिवारी, दारा कश्यम, विनीत पांडेय, प्रभुनाथ राम, प्रियव्रत शुक्ल, श्रीनिवास आदि दर्जनों भक्त उपस्थित रहे।

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