सच्चे हृदय से पुकारने वाले को निराश नहीं करते भगवान : रामसरन दास
करहां (मऊ) : करहां परिक्षेत्र के मंडूसरा बुजुर्ग में आयोजित 54 कुंडीय रुद्र महायज्ञ के छठवें दिन कथा पंडाल भक्ति, श्रद्धा और आस्था के अनूठे संगम का साक्षी बना। जब कथावाचक रामसरन दास महाराज ने प्रभु श्रीराम की तारणहार लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन आरंभ किया, तो वातावरण मानो दिव्यता से आलोकित हो उठा और श्रोता भाव-विभोर हो गए। उन्होंने कहा कि सच्चे हृदय से पुकारने वाले भक्त को भगवान कभी निराश नहीं करते।
रामसरन महाराज ने अहिल्या उद्धार की करुण कथा, केवट के निष्कपट प्रेम, शबरी की अटूट भक्ति और जटायु के त्याग का ऐसा सजीव चित्र खींचा कि श्रोताओं की आंखें नम हो उठीं। महाराज ने कहा कि श्रीराम केवल ईश्वर नहीं, बल्कि करुणा, मर्यादा और समर्पण के साकार रुप हैं, जो सच्चे हृदय से पुकारने वालों को कभी निराश नहीं करते।
रावण वध और विभीषण शरणागति के प्रसंगों के माध्यम से उन्होंने धर्म की विजय और अधर्म के पतन का संदेश दिया। कथा के साथ यज्ञ स्थल पर हवन-पूजन, रासलीला और रामलीला की अविरल धारा बहती रही, जिससे पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से स्पंदित होता नजर आया।
आयोजक बाबा महेंद्र दास महाराज ने बताया कि यज्ञ और कथा का यह आयोजन जनमानस में आस्था और सकारात्मकता का संचार कर रहा है, जहां श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचकर धर्मलाभ अर्जित कर रहे हैं। इस अवसर पर भरत सिंह, रणधीर यादव, जयराम चौहान, प्रिंसी सिंह, अविनाश कुमार, सुनील चौहान, संजय कुमार, अनिल चौहान, उर्मिला देवी सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित थे।

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